शीर्ष अदालत ने कहा कि निर्माण कार्यों पर पाबंदी श्रमिकों की आजीविका को नुकसान पहुंचाती है, खासकर दैनिक मजदूरी करने वालों को ज्यादा नुकसान होता है। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। 

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