हिमाचल के शिमला जिले में सतलुज जल विद्युत निगम (SJVNL) कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन का 77 दिनों से चला आ रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को समाप्त हो गया। एएलसी चंडीगढ़ की मौजूदगी में प्रबंधन और मजदूर यूनियनों के बीच लिखित समझौता हुआ। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने जानकारी दी कि नवरत्न कंपनी SJVNL की 3 परियोजनाओं में कार्यरत ठेका मजदूरों ने 23 जून 2023 को प्रबंधन को मांग पत्र दिया था। इन परियोजनाओं की क्षमता 1500 मेगावाट, 412 मेगावाट और 210 मेगावाट है। 2 साल तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर मजदूरों ने 1 जुलाई 2025 से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया था। भेदभाव करने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी समझौते के मुताबिक मजदूरों को 1 जनवरी 2025 से बीमा सुविधा मिलेगी। ग्रेच्युटी से जुड़ा निर्णय आने वाले 3 महीनों में होने वाली बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। श्रम कानूनों के क्रियान्वयन, पद और प्रमोशन पॉलिसी के मुद्दों पर स्थानीय प्रबंधन के साथ निर्धारित तिथि पर बैठक होगी। मजदूर नेताओं का कहना है कि कई कर्मचारी 60 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद भी सेवा लाभों से वंचित हैं। यूनियन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर समझौते के क्रियान्वयन में कोई भेदभाव किया गया तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

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