{न्यूज़ प्लस ब्यूरो -कांगड़ा } विधायक संजय रत्न ने सोमवार को विश्राम गृह ज्वालामुखी में मुख्यमंत्री आपदा कोष के तहत लाभार्थियों को 50 लाख के चेक वितरित किए। इस अवसर पर विधायक संजय रत्न ने कहा कि प्रभावितों की मदद के लिए हमारी सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रुपए का पैकेज जारी किया।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए मुआवजा राशि में भी 25 गुणा तक की बढ़ोतरी की है ताकि आपदा प्रभावितों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि भारी बारिश से प्रभावित सड़कों तथा पेयजल योजनाओं को भी रिकार्ड समय में दुरूस्त करवाया गया है ताकि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो।मुख्यमंत्री ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए राज्य सरकार ने एनपीएस कर्मचारियों के लिए बिना किसी राजनीतिक लाभ की लालसा व आर्थिक तंगी के बावजूद ओपीएस बहाल की। शिक्षा व्यवस्था को पुनः सुदृढ़ करने के दृष्टिगत शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करना सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है। अगले शैक्षणिक सत्र से पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में शिक्षा शुरू की जा रही है।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में आगे बढ़ते हुए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए दूध के खरीद मूल्य में 6 रुपये की बढ़ोतरी की है। राज्य सरकार ने 4 हजार अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है। उनके कल्याण के लिए कानून बनाया और मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष की स्थापना की गई, जिसके तहत राज्य सरकार 27 वर्ष तक इनकी देखभाल और उच्च शिक्षा के लिए उचित सहायता प्रदान कर रही है।

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