तुलसी सिंहः न्यूज प्लस:कुल्लूः परिवार की आजीविका को सरल, अच्छा और सभ्य बनाने के लिए परिवार के मुख्यिा का होना बहुत जरूरी होता है। यदि किसी कारण परिवार के किसी मुख्यिा का असमय निधन हो जाता है तो उक्त परिवार पर जिम्मेदारियां ओर ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में उस परिवार को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है अगर उस परिवार की अर्थिकी स्थिती कमजोर हो तो उस परिवार पर ओर भी ज्यादा जिम्मेवारियों का दबाव बन जाता है। ऐसा ही मामला आनी के तराला गांव निवासी पीनू देवी के सामने भी आया। पति की बीमारी से असमय मौत होने पर उनपर जहां दुखों का पहाड़ टूटा, वहीं बेटी की शादी की चिंता भी सताने लगी। बेटी की शादी में होने वाले खर्च वहन करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। ऐसे में उनकी मददगार बनीं मुख्यमंत्री कन्यादान योजना। इस योजना के तहत 51 हजार रुपए सरकार की तरफ से पीनू देवी को मिले, जो उनकी बेटी पवीता की शादी में उनका बड़ा सहारा बने।
पीनू देवी के पति स्वर्गीय गोविंद सिंह की आकस्मिक मृत्यु के बाद पीनू देवी के सामने दो बच्चों के पालन पोषण का संकट सामने आया। बेटी की शादी की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर आ गई। दूध बेचकर गुजर बसर करने वाली पीनू देवी के सामने बेटी की शादी की जिम्मेदारी थी। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी। इस बीच उन्होंने प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के बारे में सुना और उन्होंने इस योजना के तहत बेटी की शादी में मदद के लिए सरकार को आवेदन किया।
उनकी बेटी पवीता की शादी नंद लाल गांव अवेरा निरमंड से हुई। उन्होंने इस योजना के लिए अगस्त 2019 में आवेदन किया और नवंबर 2019 में उनको इस योजना का लाभ मिल भी गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से उनके लिए यह राशि भी जारी कर दी गई है। पीनू देवी, उनकी बेटी पवीता और दामाद नंद लाल ने इस कल्याणकारी योजना के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया है। पवीता का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राशि में 11 हजार रुपए का इजाफा कर अब कुल 51 हजार रुपए किया है वह बेसहारा बेटियों की शादियों के लिए बहुत मददगार साबित हो रहा है।
सीडीपीओ विपाशा भाटिया का कहना है कि पविता की शादी के लिए मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत राशि स्वीकृत कर जारी कर दी गई है। इस योजना के तहत सभी पात्र लाभार्थियों को राशि जारी करने के लिए विभाग कृत संकल्प है।
क्या है मुख्यमंत्री कन्यादान योजना
बेसहारा लड़कियां जिनके पिता की मृत्यु, शारीरिक या मानसिक असमर्थता के कारण अपने परिवार की अजीविका कमाने में असमर्थ हों पति द्वारा त्यागी/ तलाकशुदा महिलाएं, जिनके संरक्षकों की बार्षिक आय 35,000 रुपए से अधिक न हो…को इस योजना के अंतर्गत 51 रूपये प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत पहले 40 हजार रुपए की राशि दी जाती थी जिसे वर्तमान सरकार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुआई में 40 से 51 हजार रुपए कर दिया है।
कैसे करें आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए लोकमित्र केंद्र के द्वारा आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर जाकर भी इस योजना के लिए आवेदन किया जा सकता है। नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, सीडीपीओ कार्यालय या फिर डीपीओ कार्यालय में भी इस संबंध में पूछताछ की जा सकती है। योजना का लाभ लेने के लिए शादी से छह माह पहले से लेकर शादी के छह माह बाद तक आवेदन किया जा सकता है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

six + sixteen =