हिमाचल हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश न मानने पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पर 25 हजार रुपए की कॉस्ट (जुर्माना) लगाई है। PWD विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद प्रार्थी राकेश कुमार को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति नहीं देने पर यह कॉस्ट लगाई। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने आदेश जारी करते हुए कहा कि बार-बार समय देने के बावजूद अदालती आदेशों की अनुपालना न करना प्रतिवादियों के उदासीन रवैये को दर्शाता है। हालांकि, कोर्ट ने एडवोकेट जनरल के अनुरोध पर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया और दोषी अधिकारी को कॉस्ट की राशि जमा करने के आदेश दिए। कोर्ट ने उक्त अधिकारी को आदेश दिए हैं कि यदि अगली सुनवाई तक कॉस्ट जमा नहीं की गई तो यह अदालत की अवमानना होगी। इस बैंक अकाउंट में जमा करना होगी कॉस्ट की रकम
PWD सचिव को यह कॉस्ट मुख्य न्यायाधीश (CJ) आपदा राहत कोष 2025 में जमा करनी होगी होगी, जिसका खाता संख्या 18330110060070, IFSC कोड UCBA0001833 है। वर्तमान में डॉ. अभिषेक जैन राज्य के PWD सेक्रेटरी है। कोई भी नागरिक इस बैंक खाते में जमा करवा सकता है ऐच्छिक राशि
मुख्य न्यायाधीश के आवाहन पर इस खाते में कोई भी नागरिक अथवा संस्था ऐच्छिक राहत राशि जमा करवा सकता है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी फटकार लगा चुका कोर्ट
हाईकोर्ट ने कुछ पहले ही अफसरशाही की सुस्ती और लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की कोर्ट ने भी शिक्षा सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, उपनिदेशक मंडी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल टिकरी सदवानी के प्रिंसिपल के मेडिकल बिलों के भुगतान पर भी रोक लगा दी है। 9 साल से याचिकाकर्ता के मेडिकल बिलों का भुगतान न करने और कोर्ट के पूर्व आदेशों का पालन न होने पर अदालत ने यह आदेश जारी किया। इन अधिकारियों को याचिकाकर्ता देव शर्मा ने 2016 में मेडिकल रीइंबर्समेंट के लिए 1 लाख 52 हजार 677 रुपए के बिल विभाग को सौंपे थे। मगर कोर्ट के आदेशों के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। 2022 में देव शर्मा रिटायर हो गए, लेकिन अब तक बकाया भुगतान नहीं हो सका। इससे परेशान होकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।