कांगड़ा में रविवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले में 18 से ज्यादा घर गिर गए है। इसके अलावा 100 घरों और 120 दुकानों में 5 फुट तक पानी भर गया। पानी के तेज बहाव से कई दुकानों के शटर टूट गए। दुकानों और घरों का सामान बह गया। चारपाइयां, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और सोफे पानी में तैरते दिखे। धर्मशाला के इंदौरा उपमंडल में इंदौरा पंचायत के वार्ड नंबर 2 और 3 में बाढ़ जैसे हालात बन गए। आपदा में 7 चौपहिया और 15 दोपहिया वाहन बह गए। 6 मकान पूरी तरह से और 10 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। 15 घरों की चारदीवारी भी पानी में बह गई। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला इंदौरा की चारदीवारी भी ध्वस्त हो गई। वार्ड-2 में फंसे एक परिवार की तीन महिलाओं और एक पुरुष को एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन ने बचाया। वार्ड नंबर-3 में पवना देवी का मकान पूरी तरह ढह गया। इंदौरा की आटा चक्की में पानी घुसने से गेहूं और आटा खराब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह आपदा दिन में आने से बड़ी त्रासदी टल गई। कई घरों में रखा राशन और रोजमर्रा का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। इसके अलावा धर्मशाला में लैंडस्लाइड की वजह से दो घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में आधा दर्जन से अधिक भेड़-बकरियां मलबे में दब गईं। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास के घरों को खाली करा लिया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। 300 लोगों के लिए राहत व्यवस्था-एसडीएम
आपदाग्रस्त लोगों का कहना है कि वार्ड-2 में अंधाधुंध निर्माण के चलते बरसात का पानी रोक दिया गया। पानी लगातार भरता गया और तालाब जैसा रूप ले लिया। दबाव बढ़ने पर दीवारें टूट गईं और अचानक तेज बहाव से पूरा इलाका डूब गया। लोग सामान बचाने का समय तक नहीं निकाल पाए और बच्चों सहित छतों पर चढ़कर जान बचानी पड़ी। इस दौरान पंचायत प्रधान भोपाल कटोच, एएसपी धर्म चंद वर्मा, एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर, डीएसपी संजीव यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। एसडीएम डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि प्रशासन ने 300 लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था इंदौरा सराय भवन में कर दी है। राहत व पुनर्वास कार्य जारी है।

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