हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में पोंग डैम से भारी मात्रा में पानी छोड़ने से हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है। विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा, ऊर्जा निदेशालय ने BBMB प्रबंधन के खिलाफ संसारपुर टैरेस में एफआईआर करवाई है। भविष्य में भी BBMB के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। सीएम ने कहा, डैम सिक्योरिटी के उपाय का पालन करने का बार बार BBMB प्रबंधन से आग्रह किया जाता है। फिर भी डैम सिक्योरिटी के सभी उपाय नहीं अपनाए जा रहे। उन्होंने कहा, पानी भी हमारा और हम ही सबसे अधिक विस्थापित भी हुए। फिर भी हमें हमारा हक नहीं दिया जा रहा। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपने हक की लड़ाई लड़ रही है। यह मामला सितंबर में लगा हुआ। हिमाचल सरकार बार बार BBMB के पास लंबित 4200 करोड़ के एरियर का मामला उठाती रही है, लेकिन केंद्र सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। उन्होंने कहा, बीबीएमबी की प्रदेश में तीन परियोजनाएं चल रही है, जिनसे बिजली व पानी की व्यवस्था हो रही है। इन प्रोजेक्ट के निर्माण से हिमाचल उजड़ गया। यहां के लोगों की जमीनें चलीं गईं और लोग बड़ी संख्या में विस्थापित हुए। बावजूद इसके हिमाचल के लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा, बरसात के दिनों में पौंग के पानी से लोगों को होने वाले नुकसान का मामला उठाया जाता है, जिसकी भरपाई नहीं की जा रही है। BBMB को इसकी भरपाई करनी चाहिए, लेकिन पड़ोसी राज्य अड़चनें पैदा कर रहे हैं। सीएम ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर डैम सिक्योरिटी कमेटी बनी हुई है। इसकी गाइडलाइन को फॉलो नहीं किया जा रहा। ऊर्जा निदेशालय बार बार बीबीएमबी से इस मामले को उठाता रहता है। 60 हैक्टेयर जमीन, 4 घर, 38 गौशालाएं क्षतिग्रस्त मुख्यमंत्री ने कहा, BBMB की लापरवाही से इस साल 50 से 60 हैक्टेयर भूमि और इनमें लगी किसानों की फसलें तबाह हुई है। 4 घर पूर्णत क्षतिग्रस्त, 4 मकान को आंशिक क्षति और 38 गौशालाएं टूटी है। इसके बाद, 23 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। उन्होंने कहा, इंदौरा में पोंग से छोड़े गए पानी से कई सड़कों पानी में बह गई है। CM ने कहा, साल 2023 में भी पोंग बांध के कारण भारी तबाही हुई थी। उस दौरान 10 हजार हैक्टेयर जमीन जलमग्न हो गई थी और 81 मकान और 45 गोशालाएं टूटी थी। भवानी पठानिया-मलेंद्र राजन ने उठाया नुकसान का मामला इससे पहले इंदौरा से विधायक मलेंद्र राजन ने पोंग डैम से पानी छोड़ने के कारण उनके विधानसभा क्षेत्र में हुए नुकसान का मुद्दा सदन में उठाया था। उन्होंने कहा, पोंग डैम के पानी से उनके विधानसभा में भारी नुकसान हुआ है। फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने भी उनके विधानसभा में नुकसान का मुद्दा सदन में उठाया। ब्यास नदी पर बनी पोंग परियोजना पोंग डैम परियोजना मुख्यत पानी की आपूर्ति को बनी है। इसमें विद्युत उत्पादन भी होता है। यह परियोजना ब्यास नदी पर बनी है।