हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड (HPSEB) अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारियों व पेंशनर में छिड़े विवाद के बीच सीएम सुखविंदर सुक्खू आज शाम 5 बजे जाइंट एक्शन कमेटी (JAC) के साथ महत्वपूर्ण मीटिंग करेंगे। CM सुक्खू द्वारा मीटिंग का भरोसा देने के बाद ही JAC ने 7 अगस्त की प्रदेशव्यापी हड़ताल को स्थगित किया था। आज की मीटिंग में JAC की मांगे नहीं मानी गई तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर सकते हैं। JAC में बिजली बोर्ड कर्मचारी, इंजीनियर, पेंशनर्स व आउटसोर्स कर्मी शामिल है। 2 कर्मचारी नेताओं को चार्जशीट करने से भड़के बता दें कि बिजली बोर्ड प्रबंधन ने जुलाई में हमीरपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले 2 कर्मचारी नेताओं, संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा को चार्जशीट किया है। इससे राज्य के बिजली कर्मचारी और पेंशनर भी भड़क उठे हैं। CM के आश्वासन पर स्थगित की हड़ताल इंजीनियर-कर्मचारियों के साथ साथ पेंशनर ने भी बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दे रखी है। JAC द्वारा बीते 7 अगस्त को बोर्ड मुख्यालय का घेराव का प्रस्ताव था। CM सुक्खू ने इस प्रदर्शन से एक दिन पहले ही बिजली कर्मचारियों को वार्ता के लिए समय दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने 7 अगस्त का प्रदर्शन स्थगित किया। बोर्ड चेयरमैन- एमडी में भी तनातनी बिजली बोर्ड के चेयरमैन संजय गुप्ता और बोर्ड एमडी के बीच भी पिछले कुछ दिनों से तनातनी देखने को मिली है। बोर्ड के एमडी ने जब एक डॉयरेक्टर के काम पर दायरे से बाहर जाकर काम करने पर सवाल उठाए तो बोर्ड के चेयरमैन ने एमडी को ही घेर दिया और पत्र में लिखा- आपने मुझे एक अधिकारी की शिकायत का पत्र क्यों लिखा है। इसमें पूछा कि आप बोर्ड में MD लगने के बाद कितने समय अपने कार्यालय में आए। इस दौरान आप अपने बेटे की शादी की तैयारी, सास के ऑपरेशन और अब अपने पिता के इलाज में व्यस्त हैं। इसके अलावा आप हिमुडा में समय दे रहे हैं। आपने कितना समय बिजली बोर्ड को विश्व बैंक की ओर से दिए गए प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक को दिया है? कितनी बार समीक्षा की है। इसके बाद अब यह विवाद और बढ़ गया है। बिजली कर्मचारियों की प्रमुख 5 मांगें

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