हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के लाहौल के सलग्रां गांव के रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पावर चेन से पेड़ों को काटे जाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और कटान रोका। पेड़ काट रहे कर्मियों ने बताया कि उन्होंने यह काम वन निगम के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सदस्य के कहने पर किया। ग्रामीणों ने वीडियो किया वायरल ग्रामीणों ने घटना का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग को की और लाहौल के पूर्व विधायक से भी मामले में दखल देने की गुहार लगाई। लाहुल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने सरकार और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। सरकार और प्रशासन के नाक तले यह होता था और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं थी। रवि ठाकुर ने कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिकारी ने किया निरीक्षण वन परिक्षेत्र अधिकारी वीरभद्र सिंह शर्मा के अनुसार शिकायत मिलते ही टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि देवदार के दो पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया है। लगभग 200 मीटर की दूरी पर दो अलग-अलग स्थानों से 36 स्लीपर और 4 लट्ठे बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सलग्रां के तोग चंद और रामनाथ की संलिप्तता पाई गई है। दोनों आरोपियों के खिलाफ डैमेज रिपोर्ट तैयार कर भारतीय वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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