हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में वन संरक्षण अधिनियम की समीक्षा मीटिंग से गैरहाजिर रहने वाले अधिकारियों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त मुकेश रैप्सवाल ने 5 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उपायुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित इस मीटिंग का उद्देश्य जिले में चल रही विकास परियोजनाओं के लिए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) की मंजूरी से जुड़े मामलों की समीक्षा करना था। चंबा जिले की विशेष स्थिति को देखते हुए यह बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यहां की अधिकांश सरकारी भूमि वन विभाग के अधीन आती है। ऐसे में किसी भी विकास कार्य को शुरू करने से पहले एफसीए की अनुमति अनिवार्य है। डीसी रैप्सवाल ने कहा कि अधिकारियों की अनुपस्थिति से विकास कार्यों में अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारियों को अपनी अनुपस्थिति का उचित कारण बताना होगा। यह कार्रवाई उन सभी अधिकारियों के लिए एक सख्त संदेश है, जो महत्वपूर्ण बैठकों में भाग लेने को प्राथमिकता नहीं देते।

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