रतन टाटा पारंपरिक व्यापारिक परिवार से थे। इसके बावजूद वह हमेशा आगे की सोच रखते थे। उनका यह गुण नौ साल पहले ‘टी-हब’ के उद्घाटन के अवसर पर उनके भाषण से स्पष्ट होता है। इस भाषण में उन्होंने शानदार विचारों वाली युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया था।


रतन टाटा पारंपरिक व्यापारिक परिवार से थे। इसके बावजूद वह हमेशा आगे की सोच रखते थे। उनका यह गुण नौ साल पहले ‘टी-हब’ के उद्घाटन के अवसर पर उनके भाषण से स्पष्ट होता है। इस भाषण में उन्होंने शानदार विचारों वाली युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया था। 

Read More

Spread the love

By