हिमाचल का जनजातीय जिला किन्नौर बीती शाम को फिर से राजधानी शिमला से कट गया है। शिमला-किन्नौर नेशनल हाईवे-5 पर फिर से निगुलसरी में पहाड़ी से भारी लैंडस्लाइड हो गया। इससे हाईवे बंद हो गया है। आज दोपहर तक इसके बहाल होने की उम्मीद है। प्रदेश में इस मानसून में अब तक 1004 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी की सबसे ज्यादा 436 करोड़ की संपत्ति भारी बारिश से नष्ट हुई है। मौसम विभाग ने आज भी 3 जिले शिमला, कुल्लू और सिरमौर में आज फ्लैश-फ्लड का अलर्ट जारी कर रखा है। मौसम विभाग के अनुसार, निचले व मध्यम ऊंचाई ‌वाले इलाकों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड का खतरा है। प्रदेश में अगले पांच दिन मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान ऊना, कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर जले में बारिश हो सकती है। इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 और 16 अगस्त से मानसून ज्यादा सक्रिय रहेगा। मानसून में नॉर्मल से 22% कम बादल बरसे प्रदेश में अगस्त महीने में अच्छी बारिश जरूर हुई है, लेकिन जुलाई महीने में बहुत कम बादल बरसे है। इससे मानसून सीजन में नॉर्मल से 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। शिमला इकलौता ऐसा जिला है जहां नॉर्मल से ज्यादा बारिश हुई है। शिमला में एक जून से 12 जुलाई तक 440.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में 408.8 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है। वहीं प्रदेश में इस अवधि में 473 मिलीमीटर नॉर्मल बारिश होती है, लेकिन इस बार 367.8 मिलीमीटर बादल बरसे है। 197 सड़कें, 211 बिजली के ट्रांसफॉर्मर बंद प्रदेश में बीते चार दिनों के दौरान हुई भारी बारिश से 197 सड़कें और 211 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 135 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 108 घर और 237 गौशालाएं धवस्त प्रदेश में इस मानसून सीजन में 108 लोगों के मकान पूरी तरह जमीदोंज हुए है, जबकि 264 मकान को आंशिक क्षति पहुंची है। इसी तरह 26 दुकानें, 3 लेबर शेड, 237 गौशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई है।

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