हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि भाजपा के नौ विधायकों के खिलाफ याचिका पर फैसला विधानसभा सचिवालय प्रशासन के पास लंबित है। शिमला में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा, इस पर फैसला आना बाकी है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को नसीहत दी कि वह नियमों के तहत कार्रवाई करने के लिए उन पर दबाव न डालें। उन्होंने जयराम ठाकुर को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया को कांग्रेस की कठपुतली कहा था। इस पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि उन्होंने संविधान के तहत छह विधायकों को निष्कासित किया। इसके बाद तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे भी कानून के तहत स्वीकार किए गए। निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को इस्तीफा दे दिया था पठानिया ने कहा कि कानून के अनुसार निर्दलीय विधायक किसी भी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं हो सकते। हिमाचल के तीन निर्दलीय विधायकों ने 22 मार्च को इस्तीफा दे दिया था और 23 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए थे। इस मामले में भी दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला लिया गया। हिमाचल के मुख्य न्यायाधीश ने भी अपने फैसले में कहा कि कोर्ट स्पीकर के संवैधानिक अधिकारों में दखल नहीं दे सकता। कुलदीप पठानिया ने कहा कि कोर्ट ने स्पीकर के अधिकारों को सही करार दिया है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष द्वारा उन पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा न हो कि उन्हें दोबारा नियमों के तहत कार्रवाई करनी पड़े। उन्होंने कहा कि जो भी फैसले लिए गए हैं, उन पर सदन के अंदर चर्चा होगी। इन बातों को पब्लिक डोमेन में बोलने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें जयराम ठाकुर से किसी तरह के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है।

Spread the love

By