हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनाव में विक्टिम-कार्ड खेल रहे हैं। CM सुक्खू हर चुनावी जनसभा में कांग्रेस के पूर्व बागी विधायकों को निशाने पर ले रहे हैं। इसी तरह BJP की सरकार गिराने साजिश को भी मुख्यमंत्री बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। लोकसभा और विधानसभा उप चुनाव में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से ज्यादा चर्चा राज्यसभा चुनाव के दौरान घटे सियासी घटनाक्रम को लेकर हो रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू विधायकों पर बिकने के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। जनता को बता रहे हैं कि बागी और निर्दलीय विधायकों ने किस तरह BJP के साथ मिलकर सरकार को गिराने की साजिश रची। आज इनकी वजह से उप चुनाव जनता पर थोपा गया है। हालांकि धर्मशाला से पूर्व कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा के मानहानि केस में हाईकोर्ट के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू के तेवर कुछ नरम जरूर पड़े हैं। इसके बाद CM अब व्यक्तिगत हमला करने के बजाय सभी बागी विधायकों और निर्दलीय पर अटैक कर रहे हैं। सुक्खू बार बार कह रहे हैं कि मुकाबला कांग्रेस के ईमानदार और बेईमान पूर्व विधायकों के बीच है। विक्टिम कार्ड का बीजेपी ने निकाला तोड़ मुख्यमंत्री जनता को बता रहे हैं कि बागी विधायकों ने किस तरह 27 फरवरी की सुबह तक उनके साथ बैठकर खाना खाया और जब राज्यसभा चुनाव में वोट की बारी आई तो धोखा दे दिया। वहीं BJP भी मुख्यमंत्री की नाकामी को मुद्दा बना रही है। BJP कह रही है कि मुख्यमंत्री सुक्खू कांग्रेस के विधायक को भी खुश नहीं रख पाए। इनकी 15 महीने तक सरकार में सुनवाई नहीं हुई। जब सरकार से कांग्रेस के विधायक ही खुश नहीं थे तो जनता कैसे खुश होगी। बीजेपी इसे मुद्दा बना रही है। BJP ऑपरेशन लोटस पूरा करने के संकेत दे रही चुनाव प्रचार के दौरान BJP ‘ऑपरेशन लोटस’ पूरा करने के भी संकेत देने लगी है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी दो रोज पहले कहा- बीजेपी का मकसद केवल लोकसभा की चार सीटें जीतना नहीं बल्कि छह विधानसभा सीटें जीतकर निशाना कही ओर भी है। यही बात नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल भी बार बार कह रहे हैं। पिछले कल भी जयराम ठाकुर ने लाहौल स्पीति में सीएम सुक्खू पर हमला बोला कि विधायकों सड़कों पर धूल फांकते रह गए और मुख्यमंत्री अपनी मित्र मंडली को कैबिनेट रेंक देते रहे। विक्टिम कार्ड का कितना फायदा, 4 जून को चलेगा पता विक्टिम कार्ड का फायदा कांग्रेस को मिलता है या फिर BJP को। यह तो चार जून को ही मालूम पड़ेगा। मगर प्रदेश कि सियासत बागी विधायकों के कारण खूब गरमाई हुई है। सुक्खू कैबिनेट के मंत्री भी अब विधायकों के बिकने को मुद्दा बना रहे हैं। विक्टिम कार्ड क्या होता है? यहां मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार का मुखिया होने के नाते अपने आप को विक्टिम यानी पीड़ित मानते हैं। उनका कहना हैं कि राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट करके बागी विधायकों और विपक्ष ने उनकी बहुमत की सरकार को गिराने की साजिश रची। अब मुख्यमंत्री विक्टिम कार्ड बार बार चल कर अपनी पीड़ा दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी व्यथा को जनता के सामने रखकर सहायता व लाभ उठाना चाहते हैं और जनता की सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे शुरू हुआ विवाद राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के धर्मशाला से पूर्व विधायक सुधीर शर्मा, सुजानपुर से राजेंद्र राणा, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर और गगरेट से चैतन्य शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में बीते 27 फरवरी को भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया। इसी तरह देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह, नालागढ़ से केएल ठाकुर और हमीरपुर से आशीष शर्मा ने भी भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया। इससे बहुमत वाली कांग्रेस सरकार राज्यसभा चुनाव हार गई। यही नहीं कांग्रेस के छह विधायकों ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान दो बार पार्टी व्हिप का भी उलंघन किया। इसके बाद स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने इन्हें डिस्क्वालिफाइ किया। इस वजह से आज छह सीटों पर उप चुनाव हो रहे हैं।