हिमाचल के पुलिस महानिदेशक (DGP) संजय कुंडू आज रिटायर हो रहे हैं। संभवत आज ही प्रदेश पुलिस को नया मुखिया मिल सकता है। नए डीजीपी की रेस में 1989 बैच के IPS एसआर ओझा आगे माने जा रहे हैं। वहीं DGP संजय कुंडू की इस पद पर 30 मई 2020 को पूर्व जयराम सरकार ने ताजपोशी की थी। अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद कुंडू आज सेवानिवृत होने जा रहे हैं। कुंडू रिटायर होने से पहले पुलिस कॉस्टेबल पेपर लीक और कारोबारी निशांत शर्मा केस की वजह से पिछले दो सालों के दौरान खूब विवादों में रहे हैं। 2021-22 में कॉस्टेबल का पेपर लीक में कांग्रेस ने मास्टरमाइंड बताया ​​​​​​​और 2023 में वह कारोबारी निशांत शर्मा को धमकाने के आरोपों के बाद विवादों में आए। हालांकि इस मामले में हाईकोर्ट के पद से हटाने के आदेशों के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जरूर राहत मिली। नए डीजीपी को UPSC की मिल चुकी हरी झंडी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) में स्क्रीनिंग कमेटी पहले ही तीन दावेदार पुलिस अधिकारियों की छंटनी कर चुका है। ऐसे में अब लोकसभा चुनाव के लिए लगी आचार संहिता के बीच प्रदेश सरकार को नए डीजीपी को लेकर फैसला लेना है। ये अधिकारी डीजीपी की रेस में हिमाचल में ​​​​​​​सीनियोरिटी को तवज्जो दी गई तो एसआर ओझा का डीजीपी बनना तय है। ​​​​​​इनके बाद ​​​​​​​सीनियोरिटी में 1990 बैच के श्याम भगत नेगी दूसरे नंबर पर है। मगर नेगी अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। श्याम भगत नेगी के बाद 1991 बैच के डॉ. अतुल वर्मा तीसरे नंबर पर है। इन तीन में से ही किसी एक को पुलिस विभाग का मुखिया बनाया जा सकता है। कुंडू के छुट्टी पर जाने के बाद DGP का काम देख चुके ओझा फिलहाल एसआर ओझा DGP की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। ओझा पांच महीने पहले ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटें हैं। केंद्र सरकार में वह CRPF में ADG पद पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह DG जेल हैं। बीते मार्च महीने में संजय कुंडू के छुट्टी पर जाने के बाद ओझा 13 दिन तक डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार देख चुके हैं। एसआर ओझा भी संजय कुंडू के बैच के ही है। वह मई 2025 में रिटायर होंगे। मूल रूप से वह बिहार के रहने वाले हैं। संजय कुंडू व ओझा से सीनियर IPS दिल्ली में संजय कुंडू और एसआर ओझा से सीनियर यानी 1988 बैच के IPS तपन कुमार डेका अभी दिल्ली में IB के डायरेक्टर है। मगर, वह पिछले साल रिटायर्ड हो चुके हैं और उन्हें केंद्र ने एक साल की एक्सटेंशन दे रखी है। DGP बदलने का CM लेंगे फैसला राज्य का नया DGP किसे बनाया जाए, यह मुख्यमंत्री सुक्खू पर निर्भर करेगा। अमूमन सत्ता परिवर्तन होते ही प्रमुख पदों पर सबसे पहले अधिकारी बदले जाते है। मगर CM सुक्खू ने मौजूदा DGP कुंडू को नहीं बदला। इसका पार्टी के लोगों ने अंदरखाते विरोध भी किया, क्योंकि कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए संजय कुंडू को पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक का मास्टर माइंड बताया था। उन्हें पद से हटाने के लिए राजभवन के बाहर धरना भी दिया था। मगर जब कांग्रेस सत्ता में आई तो DGP को नहीं हटाया गया।

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