हिमाचल प्रदेश के बागवान आज शिमला में लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों को घेरने की रणनीति तैयार करेंगे। सेब उत्पादक संघ के अधिवेशन में मुख्यत एपल पर इंपोर्ट-ड्यूटी बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की मांग की जाएगी। आयातित सेब के कारण हिमाचल सहित जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड की एपल इंडस्ट्री पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। USA सहित 44 देशों से आयात किए जा रहे सेब के कारण हिमाचल के बागवानों को उचित दाम नहीं मिल पा रहे। इसलिए बागवान एक दशक से भी ज्यादा समय से सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी 100 फीसदी करने की मांग करते आ रहे हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री बनने से पहले सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी 100 प्रतिशत करने का वादा किया था। मगर आज तक यह वादा पूरा नहीं किया गया। बढ़ाना तो दूर कुछ देशों से इंपोर्ट ड्यूटी कम की जा रही है। बीते साल ही केंद्र ने USA के सेब पर इंपोर्ट ड्यूटी 75% से कम करके 50% की है। इससे बीते सेब सीजन के दौरान सबसे ज्यादा मार उन बागवानों पर पड़ी है, जिन्होंने अपना सेब कोल्ड स्टोर में रखा था। सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान बागवान इंपोर्ट ड्यूटी को 100 प्रतिशत करने की मांग उठाएंगे। आज इसकी रणनीति बनाई जाएगी। MIS के तहत 90 करोड़ नहीं दे रही कांग्रेस सरकार सोहन ठाकुर ने बताया कि हिमाचल सरकार जहां महिलाओं को 1500 रुपए देने के लिए 800 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान कर रही है, वहीं बागवानों की मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) के तहत दो साल से पेंडिंग 90 करोड़ की पेमेंट का भुगतान नहीं किया जा रहा। उन्होंने बताया- प्रदेश सरकार बागवानों की समस्या को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। उन्होंने सेब बागवानों की बकाया पेमेंट का जल्द भुगतान करने की मांग की है। केंद्र ने MIS की पेमेंट की बंद सोहन ठाकुर ने कहा- किसानों-बागवानों की हितेषी होने का दावा करने वाली केंद्र सरकार ने बीते साल ही MIS के तहत मिलने वाली राशि बंद कर दी है। इससे हिमाचल में बागवानों की पेमेंट का भुगतान नहीं हो पा रहा। APMC एक्ट सख्ती से लागू किया जाए सोहन ठाकुर ने कहा- सरकार APMC एक्ट को सख्ती से लागू नहीं कर रही है। इससे मंडियों में किसानों-बागवानों से लूट जारी है। वहीं सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन लागू करने की घोषणा तो कर दी है लेकिन इसे कैसे रेगुलेट किया जाएगा, यह तय नहीं किया गया। सोहन ठाकुर ने बताया- आज के अधिवेशन में बागवान सेब बागवानी को बचाने और उनके साथ होने वाली लूट को रोकने की रणनीति बनाएंगे।

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