हिमाचल में मंडी सीट से भाजपा प्रत्याशी एवं मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट के खिलाफ कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत की सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी भड़क गई है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अगुवाई में बुधवार को मंडी के सेरी मंच में भाजपा ने प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर ने कहा- महिलाओं का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन गई है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को इस गंदी सोच की कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कंगना देवभूमि हिमाचल और छोटी काशी मंडी की बेटी है। कांग्रेस नेता की अभद्र टिप्पणी से हिमाचल और मंडी के लोगों के मान-सम्मान को ठेस पहुंची है। BJP इस मामले में केंद्रीय चुनाव आयोग और हिमाचल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर चुकी है। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कंगना हिमाचल प्रदेश की बेटी हैं। उनके पिता को कांग्रेस ने मंडी में अपना महासचिव बनाया था। कांग्रेस पार्टी महिलाओं को सम्मान देने वाली पार्टी है। महिलाओं के लिए प्रदेश सरकार कई योजनाएं लेकर आई है। अनुराग ठाकुर ने ये कहा केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब संदेशखाली की महिलाओं पर अत्याचार हो रहा था तब भी कांग्रेस मौन रही और आज एक महिला प्रत्याशी पर अभद्र टिप्पणी कर कांग्रेस ने अपना असली चेहरा दिखाया है कि राहुल गांधी की महिलाओं के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने कहा कि महिला होकर सुप्रिया श्रीनेत ने दूसरी महिला का अपमान किया है। जाने क्या है पूरा मामला.. सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, इसमें लिखा.. ‘क्या भाव चल रहा है मंडी में कोई बताएगा। इसके बाद सुप्रिया ट्रोल हुई, तो उन्होंने आनन-फानन में इस पोस्ट को हटा दिया। यही नहीं सुप्रिया ने पोस्ट को लेकर सफाई भी दी। उन्होंने लिखा, ‘मेरे फेसबुक और इंस्टा के अकाउंट पर कई लोगों का एक्सेस है। इसमें से किसी व्यक्ति ने आज एक बेहद घृणित और आपत्तिजनक पोस्ट किया था। मुझे जैसे ही इसकी जानकारी हुई, मैंने वह पोस्ट हटा दिया। कंगना ने कहा- अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए सुप्रिया के इस पोस्ट के बाद कंगना ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए X पर लिखा, ”प्रिय सुप्रिया जी, एक कलाकार के रूप में मैंने अपने करियर के पिछले 20 साल में हर तरह की महिलाओं का किरदार निभाया। क्वीन में एक भोली-भाली लड़की से लेकर धाकड़ में जासूस तक, मणिकर्णिका में एक देवी से लेकर चंद्रमुखी में राक्षस तक। रज्जो में एक प्रॉस्टिट्यूट से लेकर थलाइवी में एक क्रांतिकारी नेता तक। हमें अपनी बेटियों को पूर्वाग्रहों के बंधनों से मुक्त करना चाहिए। हमें महिला के शरीर के अंगों के बारे में जिज्ञासा रखने से ऊपर उठना चाहिए। साथ ही हमें यौनकर्मियों के चुनौतीपूर्ण जीवन या परिस्थितियों को लेकर इस प्रकार के अपशब्दों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हर महिला अपनी गरिमा की हकदार है…।”