हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस के छह बागी विधायकों को BJP द्वारा टिकट देना साबित करता है कि हिमाचल के राज्यसभा चुनाव में विधायकों की खरीद-फ़रोख़्त हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में आया राम, गया राम की राजनीति नहीं थी, लेकिन भाजपा ने शुरू की है। खरीद-फ़रोख़्त कर हिमाचल के हित को चोट पहुंचाने वालों और पैसों के लिए जनादेश व अपना ईमान बेचने वालों को जनता सबक सिखाएगी। साथ ही उन्होंने लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए BJP से ऐसी राजनीति नहीं करने की अपील की। CM के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल CM सुक्खू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कई विधायक और पूर्व मंत्री उनके संपर्क में है। अब तक ऐसा दावा भारतीय जनता पार्टी करती आई है। मगर मुख्यमंत्री के ताजा दावे ने प्रदेश में सियासी हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सुक्खू के इस बयान को कांग्रेस के बागी विधायकों की एंट्री से नाराज BJP नेताओं की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा द्वारा कांग्रेस के छह बागी नेताओं को टिकट देने से कुटलैहड़ में वीरेंद्र कंवर, लाहौल स्पीति में डॉ. रामलाल मारकंडा सहित अन्य सात चुनाव क्षेत्रों में कई भाजपा नेताओं का करियर दांव पर लग गया है। BJP ने आज सुबह ही छह विधानसभा सीटों पर उप चुनाव के टिकट अनाउस किए है। सभी विधानसभा क्षेत्रों में सालों से पसीना बहा रहे और टिकट की चाहत रखने वाले नेता अंदरखाते नाराज है। चर्चा है कि ऐसे कई भाजपा नेता आने वाले दिनों में कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं। यही संकेत मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान भी दे रहा है। लोकतंत्र को जिंदा रहने दें BJP : CM मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि हिमाचल में लोकतंत्र जिंदा रहना चाहिए। खरीद-फ़रोख़्त मत करें। उन्होंने कहा कि नौ विधायक अपना ईमान पहले ही बेच चुके हैं, अब जनता के बीच जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने नोट के दम पर सत्ता हथियाने का प्रयास किया है। वह इस पर अभी ज्यादा नहीं बोलेंगे। जब वह रणभूमि में उतरेंगे तब प्रदेश की जनता को BJP की सच्चाई बताएंगे।