हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और चंबा जिलों में शुक्रवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। सुबह 6 बजकर 59 मिनट 46 सेकेंड पर आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.2 मापी गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर नीचे था। भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप के झटके महसूस होते ही कई लोग घरों से बाहर निकल आए। कांगड़ा और चंबा जिले भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील सीस्मिक जोन-5 में आते हैं। इस क्षेत्र में समय-समय पर कम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। 5.0 या इससे अधिक तीव्रता पर बढ़ता है खतरा विशेषज्ञों के अनुसार, 5.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर बड़े नुकसान का कारण नहीं बनते। हालांकि, 5.0 या इससे अधिक तीव्रता के भूकंप में जान-माल के नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। रिक्टर स्केल पर तीव्रता का प्रत्येक अगला स्तर पिछले स्तर के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक आयाम दर्शाता है। तथ्य संबंधी सावधानी: अंतिम पैरा में रिक्टर स्केल के बारे में मूल वाक्य थोड़ा भ्रामक था। 10 गुना का अंतर भूकंपीय तरंगों के आयाम में होता है, ऊर्जा में नहीं। साथ ही, 5.0 से कम तीव्रता के भूकंप भी परिस्थितियों के अनुसार नुकसान पहुंचा सकते हैं।