शिमला के ओल्ड बस स्टैंड में मिठाई की दुकानों की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग को कई खामियां मिली हैं। एक दुकान में बिक्री के लिए रखे गुलाब जामुन में कॉकरोच और रबर बैंड पाए गए। इसके बाद करीब 25 किलो गुलाब जामुन नष्ट किए दिए। वहीं, कुछ हलवाइयों द्वारा चीनी की चाशनी साफ करने के लिए कपड़ों की रंगाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल ‘रंग काट’ का उपयोग करने का मामला भी सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को क्षेत्र की 5 मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। पांचों हलवाइयों को नोटिस जारी करेगा विभाग: डॉ. विजया असिस्टेंट कमिश्नर फूड सेफ्टी डॉ. विजया ने बताया कि जांच में मिली खामियों को लेकर पांचों हलवाइयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस दुकान के गुलाब जामुन में कॉकरोच और रबर बैंड मिले हैं, उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। अन्य दुकानों में भी साफ-सफाई और स्वच्छता के इंतजाम संतोषजनक नहीं पाए गए। सभी कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। चाशनी साफ करने में इस्तेमाल कर रहे थे रंग काट निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि कुछ हलवाई चीनी की चाशनी साफ करने के लिए ‘रंग काट’ का इस्तेमाल कर रहे थे। यह पदार्थ कपड़ों की रंगाई में उपयोग किया जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस पर आपत्ति जताते हुए मिठाइयों के निर्माण में इसका इस्तेमाल तुरंत बंद करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा भी मौजूद रहे। त्योहारों में जारी रहेगी जांच: डॉ. विजया डॉ. विजया ने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ मिठाइयां उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों का निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।

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