कथित वोट चोरी और वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने के विरोध में कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली के लिए ‘चलो दिल्ली’ अभियान का पोस्टर लॉन्च किया। शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने सोमवार को यह पोस्टर लांच किया। उन्होंने कहा कि देशभर से 10 लाख लोग दिल्ली पहुंचेंगे। अलका लांबा ने हिमाचल के लोगों से भी रैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा और वोट के अधिकार की लड़ाई जारी रखेगा।उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के जरिए लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ लोगों को घुसपैठिया बताकर उनके वोट काटे गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से भी कई लोग 1 नवंबर की रैली में शामिल होंगे। 3 मांगों को लेकर प्रदर्शन अलका लांबा ने कहा कि रैली के जरिए तीन प्रमुख मांगें उठाई जाएंगी। पहली मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में चुनाव आयोग के फैसलों और कामकाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। लांबा ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने और उनके कार्यकाल में लिए गए फैसलों की समीक्षा करने की मांग की।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के अलावा 2 चुनाव आयुक्त भी होते हैं और फैसले बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। लांबा ने आरोप लगाया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पत्र लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त के अकेले फैसले लेने पर आपत्ति जताई है। एसआईआर की प्रक्रिया में पूरी तरह रोक लगे: लांबा दूसरी मांग SIR की प्रक्रिया और कथित वोट चोरी पर रोक लगाने की है। लांबा ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की शिकायतों की जांच होनी चाहिए और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी। चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाए: कांग्रेस तीसरी मांग चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल करने की है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए बैलेट पेपर से चुनाव करवाए जाने चाहिए। सरकार पर रैली रोकने की कोशिश का आरोप अलका लांबा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार 1 नवंबर के प्रदर्शन को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने विपक्षी दलों से लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की। ‘विक्टिम कार्ड खेलना बंद करें पीएम मोदी’: अलका कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को लेकर जारी सियासी विवाद के बीच अलका लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बंद करना चाहिए। लांबा ने भाजपा नेताओं पर भी महिलाओं और परिवारों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। अलका लांबा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राजनीति के सबसे उम्रदराज नेताओं में से एक हैं और उनके बयान को संदर्भ के साथ समझा जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में दूसरी तरफ से भी तीखी भाषा का इस्तेमाल किया जाता रहा है। लांबा ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे के साथ कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से जुड़े लोगों ने शुद्धीकरण किया था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। प्रधानमंत्री पर साधा निशाना अलका लांबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह खुद को पीड़ित के तौर पर पेश करना बंद करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी प्रधानमंत्री के माता-पिता की पृष्ठभूमि को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया। इसके उलट, उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपनी मां का नाम लेकर भावनात्मक अपील की और राजनीतिक लाभ लिया। लांबा ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को फकीर कहने वाले मोदी को अब अपना झोला तैयार रखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उनका समय पूरा हो गया है। कांग्रेस नेता की ये टिप्पणियां खरगे के बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच आई हैं। दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं और संबंधित बयान के पूरे संदर्भ के आधार पर ही इस विवाद की तस्वीर स्पष्ट होगी।