हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र में पंचायती राज संस्थाओं के नए चुने गए प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में सुक्खू सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिला सुक्खू सरकार में बदहाल है। इस दौरान बैजनाथ से विधायक किशोरी लाल के भतीजे रिश्व मांडव भी भाजपा में शामिल हुए। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि नए काम तो दूर, पिछली सरकार के समय के काम भी रोक दिए गए। उनका बजट रोक दिया गया या दूसरे कामों में लगा दिया गया। जो सड़कें टूटी हुई थीं, वे आज भी वैसी ही हैं। जो काम जहां था, वहीं रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने कांगड़ा के लिए जो भी योजनाएं शुरू की थीं, वे सब बंद हैं। बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक मुल्क राज प्रेमी ने जो भी मांगा था, जैसे स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, सब कुछ मिला था। लेकिन मुख्यमंत्री ने सत्ता में आते ही ज्यादातर संस्थानों को बंद कर दिया। जयराम ठाकुर ने उदाहरण देते हुए बताया कि आईटीआई सकड़ी का भवन बनकर तैयार है, लेकिन उस पर अभी तक ताला लगा है। छोटा भंगाल में मिनी सचिवालय भी बनकर तैयार है, पर वहां भी ताला लटका हुआ है। बस अड्डे का काम भी रोक दिया गया है। आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला बंद होने वाला है। मुख्यमंत्री ने अपनी हार निश्चित मानी जनसभा को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी हार निश्चित मानकर पंचायत चुनाव न करवाने का फैसला कर लिया था। इसके लिए उन्होंने कई साजिशें कीं। हमने भी तय किया कि पंचायत चुनाव करवाकर रहेंगे। इसके लिए हमने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। कोविड में करवाए थे पंचायत चुनाव ‘उन्होंने कहा कि हमने कोविड महामारी के दौरान भी पंचायत चुनाव करवाए थे, क्योंकि लोकतंत्र की इस मौलिक इकाई को हम खत्म नहीं कर सकते। न्यायालय ने हमारी बात मानी और सुक्खू सरकार को 2026 से पहले सभी चुनाव पूरे करने के आदेश दिए। पंचायत चुनाव हुए और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की हर तरफ जीत हुई, जबकि कांग्रेस हार गई।

Spread the love