हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में होने वाली प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। डीसी मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बढ़ाने और रात के समय यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैहला से आगे रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्रा प्रतिबंधित रहेगी। इसी तरह, हड़सर से पवित्र डल झील तक शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक आवाजाही पर रोक रहेगी। डीसी मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यात्रा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित विभागों को सुगम आवाजाही, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। एसपी विजय कुमार सकलानी ने जानकारी दी कि इस वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान 1000 से अधिक पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। यात्रा मार्ग को विभिन्न सुरक्षा सेक्टरों में बांटा जाएगा ताकि निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। वैकल्पिक मार्ग को भी सुरक्षा घेरे में शामिल इस बार स्थानीय लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वैकल्पिक मार्गों को भी सुरक्षा घेरे में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित स्थिति में प्रशासन और पुलिस की प्रभावी निगरानी बनाए रखना है। यात्रा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी संचार के लिए उपमंडलीय मुख्यालय भरमौर में एक मुख्य संचार नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं और आवश्यक सूचनाओं का समन्वय करेगा। डीसी ने की सहयोग की अपील डीसी मुकेश रेपस्वाल ने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा निर्धारित समय और मार्ग का पालन करने की अपील की है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने तथा यात्रा के दौरान अधिकारियों और जवानों का सहयोग करने का आग्रह किया।

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