हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा आज (शुक्रवार) को दोपहर बाद सवा चार बजे अचानक शिमला स्थिति विजिलेंस मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भारतीय जनता पार्टी से सात से आठ अन्य विधायक भी मौजूद रहे। सुधीर शर्मा से उनके आय से अधिक संपत्ति मामले में करीब पौने दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस पूछताछ के बाद सुधीर शर्मा ने कहा कि उन पर केस धर्मशाला में दर्ज है। केस से जुड़ा आईओ (जांच अधिकारी) धर्मशाला में है और दस्तावेज भी वहीं है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा कि विधानसभा सेशन के बीच जल्दबाजी में सरकार क्या जानना चाह रही है। सुधीर ने कहा कि उनकी संपत्ति से जुड़े मामले में विजिलेंस ने उनसे जो पूछा है, वो बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ जब सेशन के दौरान किसी विधायक को इस तरह बुलाया गया हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है, ताकि सेशन में जनता से जुड़े मुद्दे न उठाए जा सके। असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। सुधीर ने कहा कि विधायक पर केस दर्ज करने से पहले विधानसभा को सूचित करना होता है। उनसे 18 अगस्त को पूछताछ की गई और विधानसभा को पिछले कल सूचित किया गया। 3 दिन पहले भी हो चुकी पूछताछ सुधीर शर्मा से आय से अधिक संपत्ति मामले में 3 दिन पहले ही धर्मशाला विजिलेंस कार्यालय में भी लगभग ढाई घंटे पूछताछ हो चुकी है। आज उन्हें राज्य मुख्यालय शिमला बुलाया गया है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया था। ऐसे में सुधीर शर्मा आज विधानसभा से निकलने के बाद शिमला के खलीणी स्थिति राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) मुख्यालय मुख्यालय पहुंचे। असत्यापित वित्तीय और दस्तावेजी रिकॉर्ड मांगा विजिलेंस ने विधायक से नोटिस के माध्यम से प्राथमिक जांच के दौरान अनुपलब्ध या असत्यापित वित्तीय और दस्तावेजी रिकॉर्ड मांग रखा है। इनमें शेयरों और प्रतिभूतियों की खरीद, बिक्री व सरेंडर से संबंधित जानकारी के साथ डीमेट खाते, ब्रोकर और बैंकिंग ट्रेल शामिल थे। इसके अलावा, अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और बैंकिंग विवरण, वाहनों की खरीद व उनके वित्तपोषण का रिकॉर्ड, अनसिक्योर्ड लोन व एडवांस, निवेश, बैंक खाते और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की जानकारी मांगी गई थी। इन संपत्तियों से जुड़े सवाल आज फिर पूछे गए।

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