पूर्व शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता गोविंद सिंह ठाकुर ने मनाली विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। ठाकुर ने मनाली वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, हिंदी, भूगोल, अर्थशास्त्र और कला समेत सात विभिन्न विषयों के अध्यापकों के पद खाली हैं। उन्होंने चिंता जताई कि महत्वपूर्ण विषयों के लिए नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिलेगी। विद्यालयों में विभिन्न विषयों के पद रिक्त ठाकुर ने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है। कटरांई विद्यालय में भी शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाते हुए ठाकुर ने कहा कि यहां कई पद लंबे समय से खाली हैं। इसके बावजूद इतिहास विषय का एक पद भुंतर स्थानांतरित कर दिया गया। शिक्षकों की कमी की समस्या केवल मनाली और कटरांई तक सीमित नहीं है। पूरे मनाली विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी विद्यालयों में विभिन्न विषयों के पद रिक्त हैं। ठाकुर ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र से संबंधित कई शिक्षक दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें वापस लाने या स्थानीय विद्यालयों में उनकी सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। शिक्षा को प्राथमिकता देने की मांग उन्होंने सरकार से राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर शिक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की। साथ ही, प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में रिक्त पदों का तत्काल आकलन कर जरूरत के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने की अपील की।