हिमाचल प्रदेश की हिमकेयर योजना में कथित गड़बड़ी के मामले में भाजपा विधायक डॉ. जनकराज गुरुवार को विजिलेंस मुख्यालय शिमला पहुंचे। विजिलेंस ने उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था। डॉ. जनकराज करीब 11:30 बजे विजिलेंस कार्यालय पहुंचे, जहां दोपहर 2 बजे तक उनसे पूछताछ जारी रही। विजिलेंस अधिकारियों ने पहले उन्हें कुछ देर वेटिंग रूम में बैठाया। इसके बाद पूछताछ शुरू की गई। जांच एजेंसी हिमकेयर योजना के तहत IGMC को किए गए भुगतान, आय-व्यय और अन्य वित्तीय मामलों को लेकर उनसे सवाल कर रही है। डॉ. जनकराज पूछताछ के दौरान अपना पक्ष रख रहे हैं। पूर्व सरकार में IGMC में एमएस रहे डॉ. जनकराज डॉ. जनकराज पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) में चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) रह चुके हैं। उनके एमएस रहते हिमकेयर योजना से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अस्पतालों को किए गए भुगतान की जांच विजिलेंस कर रही है। BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद जीतकर आए डॉ. जनकराज ने इस बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत हासिल कर विधायक बने हैं। हिमकेयर योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विजिलेंस की जांच के दायरे में योजना के तहत अस्पतालों को किए गए भुगतान समेत विभिन्न वित्तीय पहलुओं की जांच की जा रही है। हिमकेयर योजना क्या है? हिमकेयर हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसके तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य उन जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य कवर देना है, जो केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के दायरे में नहीं आते। राज्य में पात्र लोगों के हिमकेयर कार्ड बनाए गए हैं और सूचीबद्ध अस्पतालों में इनके जरिए इलाज की सुविधा दी जाती है। विजिलेंस की पूछताछ पूरी होने के बाद जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।