कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम करेरी गांव में आजादी के 79 साल बाद बस सेवा शुरू हुई है। विधायक एवं मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शनिवार को 28 सीटर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। पठानिया ने कहा कि वह पिछले 3 वर्ष से करेरी को बस सुविधा से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बाधाओं के बाद अब यह सपना पूरा हुआ है। करेरी में बस सेवा शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने पठानिया का स्वागत किया। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के सहयोग से मिली सुविधा इस अवसर को कांग्रेस सरकार के विकास कार्यों और शाहपुर क्षेत्र में किए जा रहे कामों को जनता के बीच रखने के तौर पर भी देखा गया। पठानिया ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के सहयोग से इस सुविधा के संभव होने का श्रेय दिया। कांगड़ा के विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं धर्मशाला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पठानिया ने कांगड़ा के विकास को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में शिमला से कई महत्वपूर्ण कार्यालय और मुख्यालय कांगड़ा स्थानांतरित किए गए हैं। इनमें रेरा कार्यालय, ओबीसी कार्यालय, पर्यटन विभाग का मुख्यालय, वाइल्डलाइफ मुख्यालय, पुलिस एवं आर्म्स कार्यालय द्रौ तथा ईएनसी कार्यालय फतेहपुर शामिल हैं। पठानिया ने कहा कि सरकार कांगड़ा को केवल राजनीतिक रूप से नहीं, बल्कि प्रशासनिक और आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कांगड़ा को ‘पर्यटन की राजधानी’ घोषित करने, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और लगभग 250 करोड़ रुपये के कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रोजेक्टों का उल्लेख किया।
पशुपालकों के हित में समर्थन मूल्य बढ़ाया इन विकास कार्यों पर उन्होंने विपक्ष को श्वेत पत्र जारी करने की चुनौती दी। पठानिया ने निचले हिमाचल के किसानों और पशुपालकों के हित में समर्थन मूल्य बढ़ाने को भी सरकार की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जैसे जिलों के किसानों के लिए धान और गेहूं के समर्थन मूल्य में वृद्धि तथा दूध के दाम बढ़ाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इसका श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार को दिया।

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