हिमाचल के कुल्लू जिले में जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता (जेई) लाभ सिंह गुलेरिया की हत्या मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने बुधवार देर रात सभी आरोपियों का जिला अस्पताल कुल्लू में मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस सभी से गहन पूछताछ कर रही है। शुरुआत में यह मामला ब्लाइंड मर्डर माना जा रहा था, लेकिन पुलिस का दावा है कि मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक जांच और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई है। 7 सदस्यीय SIT ने सुलझाई गुत्थी मामले की जांच के लिए एएसपी संजीव चौहान के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस के अनुसार टीम ने कई दिनों तक तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसी आधार पर चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि जांच प्रभावित न हो, इसलिए पुलिस ने अभी तक आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। पाइप लाइन चेक करने के बहाने बुलाया पुलिस जांच के अनुसार, 24 जुलाई की शाम करीब 7:15 बजे जेई लाभ सिंह गुलेरिया को गांधीनगर स्थित एक लेडी डॉक्टर के घर पानी की पाइप लाइन चेक करने के बहाने बुलाया गया था। पुलिस का आरोप है कि वहां पहले से पूरी साजिश रची जा चुकी थी। जैसे ही गुलेरिया घर पहुंचे, उन्हें एक कमरे में बैठाया गया। वहां लेडी डॉक्टर के ससुर ने उनसे कथित अवैध संबंधों के संदेह को लेकर सवाल-जवाब किए। पूछताछ के दौरान बढ़ा विवाद जांच के मुताबिक बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और लाभ सिंह गुलेरिया पर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि घर में मौजूद अन्य लोगों ने भी उनकी बेरहमी से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें पास के नाले में फेंक दिया गया, ताकि घटना को हादसा या अन्य घटना का रूप दिया जा सके। CCTV की DVR बदलने का भी आरोप पुलिस जांच में यह सामने आया है कि वारदात के बाद घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर बदलकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस अब इस पहलू की भी वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ कब और कैसे की गई। अगले दिन बेसुध मिले थे JE 24 जुलाई की रात कथित मारपीट के बाद 25 जुलाई की सुबह करीब 6 बजे लाभ सिंह गुलेरिया गांधीनगर स्थित जल शक्ति विभाग के कार्यालय से कुछ दूरी पर एक खोखे के पास बेसुध अवस्था में मिले। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले कुल्लू अस्पताल और बाद में एम्स बिलासपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 26 जुलाई को उनकी मौत हो गई। मौत के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) भी जोड़ दी। वैज्ञानिक साक्ष्यों पर टिकी जांच एसपी मदन लाल कौशल ने बताया कि मामले की जांच को और मजबूत बनाने के लिए मंडी से रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (RFSL) की टीम भी कुल्लू बुलाई गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की प्रत्येक कड़ी को वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जोड़ा गया है। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य मामले में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 11 बजे पुलिस करेगी बड़ा खुलासा कुल्लू पुलिस ने जानकारी दी कि आज सुबह 11 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय कुल्लू में एसपी मदन लाल कौशल प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसमें हत्याकांड की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।