हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिर्फ एफआईआर दर्ज होने या पुलिस जांच चलने के आधार पर किसी कर्मचारी का प्रमोशन नहीं रोका जा सकता। अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम आपराधिक अदालत कर्मचारी के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप (चार्ज) तय नहीं कर देती, तब तक विभाग ‘सीलबंद लिफाफा (सील्ड कवर)’ प्रक्रिया नहीं अपना सकता। जस्टिस अजय मोहन गोयल ने राजस्व विभाग के पटवारी राकेश कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। मामला 11 अप्रैल 2025 की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक से जुड़ा था। तब राकेश कुमार फील्ड कानूनगो के पद पर पदोन्नति के पात्र थे, लेकिन भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामले का हवाला देते हुए विभाग ने उनके प्रमोशन पर फैसला सीलबंद लिफाफे में रख दिया था। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि डीपीसी की बैठक के समय वह न तो निलंबित था, न ही उसके खिलाफ कोई विभागीय जांच लंबित थी। साथ ही पुलिस ने उस समय तक अदालत में चालान भी पेश नहीं किया था और अदालत द्वारा आरोप तय करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई थी। डीपीसी के वक्त भी अदालत में चालान पेश नहीं सरकारी पक्ष ने भी माना कि डीपीसी की बैठक के समय चालान अदालत में पेश नहीं हुआ था। इसके बाद हाईकोर्ट ने कार्मिक विभाग के नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि कानून की नजर में आपराधिक मामला तभी लंबित माना जाएगा, जब अदालत आरोपी के खिलाफ आरोप तय कर दे। केवल एफआईआर दर्ज होना या पुलिस जांच चलना पर्याप्त नहीं है। इन 3 सूरत में अपनाई जा सकती है सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया हाईकोर्ट ने कहा कि सीलबंद लिफाफा प्रक्रिया केवल 3 स्थितियों में अपनाई जा सकती है, यदि कर्मचारी निलंबित हो, उसके खिलाफ विभागीय चार्जशीट जारी होकर विभागीय कार्रवाई लंबित हो, या फिर आपराधिक मामले में अदालत आरोप तय कर चुकी हो। चूंकि राकेश कुमार इन तीनों में से किसी भी श्रेणी में नहीं आते थे, इसलिए विभाग द्वारा उनका प्रमोशन रोकना नियमों के विपरीत था। याचिकाकर्ता का सीलबंद लिफाफा खोलने के निर्देश अदालत ने विभाग को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता का सीलबंद लिफाफा तुरंत खोला जाए। यदि वह पदोन्नति के योग्य पाया जाता है तो उसे 11 अप्रैल 2025 से फील्ड कानूनगो के पद पर पदोन्नत किया जाए। साथ ही वरिष्ठता, एरियर और अन्य सभी परिणामी लाभ भी दिए जाएं।

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