शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में शिमला पुलिस ने बुधवार सुबह उनके छोटे भाई हिमांक मित्तल को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया। हिमांक नेहरू कॉलोनी स्थित अपने घर पर था। सुबह-सुबह शिमला पुलिस की 3 गाड़ियां उसके घर पहुंचीं। पुलिस ने उसका मेडिकल कराने के बाद उसे अपने साथ शिमला ले गई। जांच में खुलासा हुआ कि 10.3 एकड़ में फैले करोड़ों की संपत्ति वाले स्कूल पर कब्जा करने के लिए हिमांक ने बहन की हत्या की पूरी साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि उसने खुद पर शक न जाए, इसलिए हत्या की जिम्मेदारी अपने दोस्त को सौंपी। 13 जून को शिमला में मनीषा मित्तल की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक हिमांक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानिए कैसे फंसा हिमांक मित्तल…. अब जानिए कैसे हुई मनीषा मित्तल की हत्या… हत्या से पहले मनीषा से भाई से चल रहा विवाद बताया था…. माता-पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद हिमांक व मनीषा के पिता धर्मपाल मित्तल व मां नूतन मित्तल की संदिग्ध मौत के बाद 2020 से ही दोनों भाई-बहन के बीच स्कूल को लेकर विवाद शुरू हो गया। मनीषा मित्तल ने जहां पिता के मरने के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए नई गवर्निंग बॉडी व नए सदस्यों के लिए अप्लाई किया, तो उनका आवेदन खारिज कर दिया। छोटे भाई पर लगाए थे जाली कागज रखने के आरोप मनीषा मित्तल ने शिमला में मीडिया के सामने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर गंभीर आरोप लगाए थे। मनीषा ने कहा था कि एसडीएम की सोसायटी को लेकर जांच रिपोर्ट 2 मार्च 2022 को आई, जिसमें स्पष्ट किया कि हिमांक मित्तल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जाली कागजों व डुप्लीकेट प्रोसीडिंग रखी है। सोसायटी की ऑरिजन मिनट बुक को छुपाया जा रहा है। हिमांक पर लगाया था करोड़ों के गबन का आरोप मनीषा मित्तल ने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर माता-पिता के फर्जी साइन करके करोड़ों रुपए का गबन करने का आरोप लगाया था। मनीषा ने कहा था कि 2007 में जब उसकी शादी हुई तो उसके पिता धर्मपाल मित्तल ने उसे 15 अगस्त 2007 को सरस्वती पैराडाइज स्कूल का वाइस प्रेजीडेंट बनाया था। जबकि हिमांक मित्तल कह रहा है कि वह प्रेजीडेंट हैं। 2023 में गलत तरीके से करवाए चुनाव मनीषा मित्तल ने वीडियो जारी कर कहा था कि 2023 में गलत तरीके से चुनाव करवाए गए थे। तहसीलदार ने उस समय केवल तीन लोगों को लेटर जारी कर कहा कि अपने लोगों को लेकर आ जाओ, हम चुनाव करवा देंगे। जबकि 2005 से लेकर 2023 तक जो भी सदस्य रहे, उन सभी लेटर जाना चाहिए था। जब इसका विरोध किया तो किसी ने नहीं सुनी और चुनाव करवा दिए। 14 दिसंबर 2025 को आया कोर्ट का फैसला मनीषा मित्तल ने अपनी वीडियो में बताया कि जब चुनाव को लेकर कोर्ट गए तो 14 दिसंबर 2025 को निर्णय आया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, चुनाव गलत करवाए गए है। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को एसपी से मिलकर कहा कि वह स्कूल जा रही है। जिसके बाद एसएचओ की मौजूदगी में 26 जनवरी 2026 को स्कूल में एंट्री की। हिमांक मित्तल ने झूठी रिपोर्ट देकर दर्ज करवाया था केस मनीषा ने अपनी वीडियो में कहा कि हिमांक मित्तल, गोविंद व एक महिला कर्मचारी ने झूठी रिपोर्ट देकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। जब पुलिस आई तो सारी जांच के बाद हिमांक मित्तल व उसके साथियों के खिलाफ एसडीएम को कलंदरा दिया था। इस दौरान एक चौकीदार को भी झूठ न बोलने पर नौकरी से हटा दिया। प्रिंसिपल के साथ मिलकर हिमांक ने की गुंडागर्दी मनीषा ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल नीरज वर्मा के साथ मिलकर हिमांक मित्तल ने गुंडागर्दी मचा रखी थी। 23 मार्च को प्रिंसिपल हायर अथॉरिटी के पाए गए तो वहां भी उसे निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद एक एप्लीकेशन नकली पेरेंट्स के साइन करवाकर दी गई कि मनीषा के कारण स्कूल डिस्टर्ब हो रहा है। ————— मनीषा मित्तल मर्डर केस की ये खबरें भी पढ़ें… शिमला में लेडी स्कूल संचालक केस में लव मैरिज एंगल:रेवाड़ी के डॉक्टर से शादी करने से नाराज था भाई; वीडियो में कहा था-प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है मनीषा मर्डर केस- पुलिस पता करेगी-किसके इशारे पर मारी गोलियां:भाई बोला-हत्या से लेना-देना नहीं, मेरे भी हाथ-पैर तोड़े गए; शिमला में मारी थीं गोलियां

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