हिमाचल के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रविवार को कुन का तर पुल का लोकार्पण किया। यह पुल 9 जुलाई 2023 की आपदा में ब्यास नदी में बह गया था। मंत्री ने यह भी बताया कि द्रंग क्षेत्र की महत्वाकांक्षी भुभुजोत टनल परियोजना को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिल चुकी है और इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। लगभग 280 फीट लंबा यह बेली सस्पेंशन पुल द्रंग, जोगिंदर नगर और सदर विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। मंत्री ने घोषणा की कि इस मार्ग पर बस पासिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी और अगले दिन से बस सेवा भी शुरू हो जाएगी। 2023 की आपदा में बह गया था पुल विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि 2023 की आपदा में पुल बह जाने के बाद लोगों को दैनिक कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के लिए लगभग 200 किलोमीटर अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती थी। पुल के दोबारा बनने से यह वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोटली-जोगिंदर नगर सड़क की सुधरेगी हालत मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कोटली-जोगिंदर नगर सड़क की खराब स्थिति का भी संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने यह मुद्दा उठाया था, जिस पर संबंधित अधिकारियों को सड़क की दशा सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कोटली कॉलेज भवन का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बजट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एनएच-003 पर निर्माण कार्यों में सामने आ रही अनियमितताओं और लोगों की शिकायतों का भी उल्लेख किया। इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। लोगों को मिलेगी राहत द्रुबल पंचायत की प्रधान भावना देवी, रामलाल शर्मा और आजाद ने बताया कि पुल टूटने के बाद लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। रिश्तेदारों से मिलने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। अब पुल के दोबारा बनने से द्रंग, जोगिंदर नगर और सदर विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।

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