हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कुल्लू जिले के कसोल क्षेत्र के जंगलों में आयोजित रेव पार्टियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन आयोजनों पर कार्रवाई न करने के मामले में कुल्लू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और संबंधित एसडीएम के तबादले के आदेश जारी किए हैं। चीफ जस्टिस गुरमीत सिंह संधावालिया और जस्टिस बीसी नेगी की बैंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जंगलों में इस तरह की पार्टियों का आयोजन नहीं होना चाहिए। इससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच सकता है। हाईकोर्ट ने रेव पार्टी आयोजित करने वाले आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कुल्लू जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश भी दिए थे। डीसी-एसपी से मांगा था शपथ पत्र कोर्ट के निर्देशों के बाद डीएलएसए सचिव ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मदद से मौके का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की। इसके अलावा हाईकोर्ट ने कुल्लू के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर प्रकाशित खबर पर स्पष्टीकरण मांगा था। मीडिया में खबरें छपने के बाद प्रकाश में आया था मामला मामला उस समय सामने आया जब कसोल में 7 जून से 11 जून 2026 तक आयोजित होने वाली एक रेव पार्टी को लेकर खबरें प्रकाशित हुई थीं। रिपोर्ट में बताया गया था कि आयोजन का प्रचार सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर किया जा रहा था। इसमें देश के कई राज्यों और विदेशों से लोगों के पहुंचने की बात सामने आई थी। 10 हजार से 16 हजार में बिकती है टिकटें खबरों के अनुसार, कार्यक्रम के लिए टिकट की कीमत 10 हजार से 16 हजार रुपये तक रखी गई थी और बड़ी संख्या में लोगों की बुकिंग होने का दावा किया गया था। सोशल मीडिया पर तेज आवाज वाले संगीत और पार्टी से जुड़े वीडियो भी वायरल हो रहे थे। इस तरह के आयोजन स्वीकार नहीं: कोर्ट हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों और जंगल क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी।