हिमाचल भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री मान पर लगे गंभीर आरोपों को लोकतंत्र, धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक बताते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। गुरमीत सिंह ने कहा कि सच को छिपाने का पंजाब सरकार का हर प्रयास अंततः असफल साबित होगा। वायरल वीडियो और फॉरेंसिक रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल गुरमीत सिंह ने कहा कि जिस मामले को आम आदमी पार्टी (आप) और पंजाब सरकार एक फर्जी वीडियो बताकर दबाने की कोशिश कर रही थी, उसमें अब लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि 18 जून को पंजाब सरकार ने एक फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश कर दावा किया था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ा वायरल वीडियो फर्जी और एआई (AI) जनित है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि रिपोर्ट जारी होते ही इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे, क्योंकि इसमें फॉरेंसिक लैब का कोई स्पष्ट विवरण या आधिकारिक मुहर नहीं थी। यही कारण है कि विपक्षी दलों और सिख संगठनों ने इस रिपोर्ट की निष्पक्षता पर गहरा संदेह व्यक्त किया है। एआई (AI) के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप गुरमीत सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने इस संदिग्ध रिपोर्ट के आधार पर मामले को एआई तकनीक का खेल बताकर जनता को गुमराह करने का असफल प्रयास किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हरियाणा पुलिस या अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसियों के पास उपलब्ध पुख्ता साक्ष्य सार्वजनिक होते हैं, तो पंजाब सरकार का यह मनगढ़ंत बचाव पक्ष पूरी तरह धराशायी हो जाएगा। ‘सिख गुरुओं के सम्मान से कोई लीपापोती बर्दाश्त नहीं’ अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि यह मामला सीधे तौर पर सिख गुरुओं के सम्मान और पंथ की गरिमा से जुड़ा हुआ है। इस संवेदनशील विषय पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक संरक्षण या लीपापोती कतई स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की एक निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है। गुरमीत सिंह ने दोटूक कहा कि पंजाब की जनता, सिख समाज और देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि आखिर यह फॉरेंसिक रिपोर्ट किसके निर्देश पर और कहाँ तैयार की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि इन गंभीर आरोपों में थोड़ी भी सत्यता पाई जाती है, तो मुख्यमंत्री भगवंत मान को नैतिक आधार पर अपने पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।