भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मंडी के कमांड घाटी स्थित उत्तर परिसर में शनिवार को 14वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न पाठ्यक्रमों के कुल 643 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 63 पीएचडी शोधार्थी, 259 स्नातकोत्तर और 321 स्नातक विद्यार्थी शामिल रहे। संस्थान के इतिहास में यह पहली बार है जब सर्वाधिक 321 बीटेक विद्यार्थियों ने एक साथ स्नातक उपाधि प्राप्त की।समारोह में वायुन गोयल को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति स्वर्ण पदक तथा बी.टेक. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग संस्थान स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। वहीं, सुखवंश जैन को शैक्षणिक उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता और समग्र विकास के लिए निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। चेयरमैन बी.के. गोयनका रहे मुख्य अतिथि कार्यक्रम में वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक एवं चेयरमैन बी.के. गोयनका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि और आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी विशिष्ट अतिथि थे। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी मंडी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) कंवलजीत सिंह ढिल्लों ने की। मुख्य अतिथि बी.के. गोयनका ने विद्यार्थियों से अपने जीवन में आनंद, मौलिकता और साहस को आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस युग में केवल ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार और चुनौतियों का सामना करने का साहस भी अत्यंत आवश्यक है। विकसित भारत-2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान दें स्टूडेंट: प्रो. बेहरा आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने विद्यार्थियों को विकसित भारत-2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि संस्थान ने हाल ही में लगभग 100 करोड़ रुपये की बाह्य वित्तपोषित शोध परियोजनाएं हासिल की हैं। क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग सहित कई नए शैक्षणिक कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। समारोह में विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, नवाचार पुरस्कार और स्मृति सम्मान भी प्रदान किए गए। यह आयोजन अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, शोध और नेतृत्व क्षमता के उत्सव के रूप में यादगार रहा।

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