हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के चताड़ा स्थित प्राचीन ‘बनौड़े महादेव मंदिर’ में दर्शन के बाद एक श्रद्धालु ने आंख की रोशनी लौटने का दावा किया है। पंजाब के होशियारपुर निवासी लवली का कहना है कि ब्रेन हैमरेज के बाद उनकी बाईं आंख की रोशनी चली गई थी, लेकिन बीते सोमवार को महादेव मंदिर में दर्शन और विभूति (टीका) लगाने के बाद उन्हें फिर से दिखाई देने लगा। लवली ने बताया कि 3 मार्च 2025 को उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। इसके बाद उनकी बाईं आंख से दिखाई देना बंद हो गया था। उन्होंने बताया कि पिछले महीने करवाए गए एमआरआई में आंख की नसों में समस्या बताई गई थी। लवली के अनुसार, पीजीआई चंडीगढ़ के वरिष्ठ डॉक्टरों ने भी उन्हें बताया था कि आंख के ठीक होने की संभावना बेहद कम है। पहले दियोटसिद्ध, फिर महादेव मंदिर पहुंचे लवली अपने परिवार के साथ सोमवती अमावस्या (बीते सोमवार) के दिन सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में दर्शन करने गए थे। वहां से लौटते समय वे चताड़ा के प्राचीन बनौड़े महादेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने दरबार में माथा टेककर बाबा जी से आंख की रोशनी वापस आने की प्रार्थना की। आंख में विभूति लगाते ही रोशनी लौटने का दावा मंदिर में माथा टेकने के बाद मंदिर के पुजारी ने महादेव की विभूति उनकी आंख पर लगाई। इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें दिखाई देने लगा। तब वह दूसरी आंख बंद करके अकेले ही मंदिर परिसर में ईधर-उधर घूमे। इसके बाद लवली ने यह अनुभव अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा किया। उन्होंने इसे बाबा महादेव की कृपा और आस्था का परिणाम बताया।e लवली की भर आईं आंखे अपने अनुभव रिश्तेदारों को बताते हुए लवली की आंखें भी नम हो गईं। वह हाथ जोड़कर महादेव का शुक्रराना करते रहे। लवली का यह वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। आस्था और चमत्कार से जोड़कर देखा जा रहा स्थानीय लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। मेडिकल साइंस की दृष्टि से किसी भी स्वास्थ्य सुधार के लिए डॉक्टरों की सलाह और जांच जरूरी मानी जाती है।

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