लेडी स्कूल संचालिका मनीषा मर्डर केस में अब कई खुलासे हुए हैं। रोहतक में उनके भाई हिमांक ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा- शिमला वाले स्कूल पर कई लोगों की नजर थी। उन्हें आशंका है, इन्हीं लोगों ने मनीषा का मर्डर किया। मनीषा गलत लोगों की कंपनी में थी, इसी कारण उसने झूठे आरोप लगाए हैं। हिमांक के अनुसार, 2016 में पिता ने मनीषा को हटाकर उन्हें शिमला वाले स्कूल का वाइस प्रेजिडेंट बनाया था। रोहतक वाला स्कूल भी उनके नाम हो गया, लेकिम माता-पिता की मौत के बाद मनीषा ने इसका विरोध करना शुरू किया। दरअसल, 13 जून को शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल के बाहर स्कूल संचालिका मनीषा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। शिमाला पुलिस मामले में रोहतक स्थित हिमांक स्कूल में भी छापेमारी कर चुकी है। दोनों शूटर भी 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। पहले जानिए, हिमांक ने स्कूल ऑनरशिप पर क्या बताया… सोसायटी के माध्यम से चल रहा स्कूल हिमांक मित्तल ने बताया कि शिमला वाला स्कूल सोसायटी के अंतर्गत चल रहा है, जिसके वाइस प्रेसीडेंट वह है। 2016 में पिता धर्मपाल मित्तल ने ही उन्हें मनीषा को हटाकर वाइस प्रेसीडेंट बनाया था। तब मनीषा का कोई विरोध नहीं था। रोहतक वाला स्कूल पिता ने ही 2017-18 में मेरे नाम किया, तब भी कोई विरोध नहीं था। माता-पिता की मौत के बाद विरोध क्यों शुरू हुआ। 1 अप्रैल को शिमला गया, कुछ गलत नहीं किया हिमांक मित्तल ने बताया कि वह एक अप्रैल को शिमला स्कूल में गया था, लेकिन मनीषा के साथ बोलचाल भी नहीं हुई। स्कूल का कोई स्टाफ नहीं कह सकता कि कभी उसके साथ कुछ गलत किया हो। पुलिस ने भी अपने बयान में कहा कि कोई क्रिमिनल केस दर्ज नहीं हुआ, जो भी शिकायत रही, वो सिविल नेचर की रही। जान से मारने के लगाए झूठे आरोप हिमांक मित्तल ने बताया कि शिमला वाली सोसायटी के 10 सदस्य है, जिसमें से अब 9 रह गए। मनीषा ने अपनी वीडियो में झूठे आरोप लगाए कि हिमांक उसे मारना चाहता है या धमकी दे रहे है। गुंडे भेज रहा है। जबकि ऐसा कुछ नहीं है। ऐसा कोई केस शिमला में भी नहीं है और ना कोई सबूत है। मनीषा ने कर रखे थे 40-50 केस हिमांक मित्तल ने बताया कि 2010 में मनीषा से बोलना छोड़ दिया था और कोई रिश्ता भी नहीं रखा। मनीषा ने 40-50 केस उस पर किए, जिनका जवाब लीगल तरीके से ही दिया। कभी उसके साथ कोई झगड़ा नहीं किया। जब कोई रिश्ता नहीं रखा तो कोई दुश्मनी भी नहीं थी। कोई बोलचाल तक नहीं रखी। मनीषा मित्तल की मौत का बुरा लगा हिमांक मित्तल ने बताया कि मनीषा मित्तल की मौत का बुरा जरूर लगा, जो भी उसके साथ हुआ। लेकिन उसके साथ रिश्ता इसलिए नहीं रखा, क्योंकि मनीषा ने उसके ऊपर मां की हत्या करने का आरोप लगाया था। मेरी मनीषा के साथ कोई रंजिश नहीं थी, क्योंकि मेरे परिवार की वह आखिरी सदस्य थी। मनीषा की मौत में पुलिस अपना काम कर रही है। मनीषा की हत्या के पीछे साजिश हिमांक मित्तल ने बताया कि शिमला के स्कूल पर कई लोगों की नजर है और मनीषा भी उनमें से एक रही। मनीषा की हत्या के पीछे शिमला के ही कुछ लोग हो सकते है। अब मनीषा तो चली गई और उसे भी किसी केस में फंसा देते है तो उन्हीं लोगों का फायदा होगा। पूरी साजिश शिमला वाले स्कूल को हड़पने के लिए रची गई है। हिमांक बोले, मेरी जान को भी खतरा हिमांक मित्तल ने बताया कि जब हमला हुआ तो लगा कि मनीषा मित्तल ने करवाया होगा। लेकिन उस समय हालत ऐसी नहीं थी कि पुलिस को शिकायत देते। लेकिन अब मनीषा के साथ ही गलत हुआ है तो इसमें तीसरा आदमी शामिल है। मेरी जान को भी खतरा है और मुझे भी सुरक्षा मिलनी चाहिए। 1 जून को अज्ञात हमलावरों ने किया जानलेवा हमला हिमांक मित्तल ने बताया कि 1 जून को सिंहपुरा रोड पर स्कूल से आते समय रास्ते में काली स्कॉर्पियो गाड़ी वाले अज्ञात लोगों ने उस पर गाड़ी रूकवाकर हमला किया। हमले के दौरान बूरी तरह मारपीट की, जिसमें एक हाथ-पैर की हड्डी टूट गई। पैर में रॉड भी डाली हुई है। वहीं, दूसरे हाथ-पैर का मांस फटा हुआ है। मनीषा का अपने पति से चल रहा था विवाद हिमांक मित्तल ने बताया कि मनीषा व उसके पति के बीच पिछले 2 साल से विवाद चल रहा था। मनीषा की बेटी ने भी पुलिस को बताया कि 12 जून को मनीषा घर गई थी, जहां उसके साथ पति ने मारपीट की और मनीषा उसी दिन वापस शिमला चली गई। ————— मनीषा मित्तल मर्डर केस की ये खबरें भी पढ़ें… शिमला में लेडी स्कूल संचालक केस में लव मैरिज एंगल:रेवाड़ी के डॉक्टर से शादी करने से नाराज था भाई; वीडियो में कहा था-प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है मनीषा मर्डर केस- पुलिस पता करेगी-किसके इशारे पर मारी गोलियां:भाई बोला-हत्या से लेना-देना नहीं, मेरे भी हाथ-पैर तोड़े गए; शिमला में मारी थीं गोलियां

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