मंडी जिले के उपमंडल सरकाघाट के खलारडू गांव में देर रात लगभग 2 बजे आठ कमरों का एक स्लेटपोश मकान जलकर राख हो गया। इस अग्निकांड में एक ही परिवार के पांच उप-परिवारों के लगभग 20 सदस्य, जिनमें चार बुजुर्ग और बच्चे शामिल थे, जो बाल-बाल बच गए। आग लगने का पता तब चला जब निचली मंजिल पर सोई लीला देवी को ऊपर की मंजिल पर कुछ हलचल महसूस हुई। जागने पर उन्होंने देखा कि पूरा मकान आग की लपटों में घिरा हुआ था। परिवार के सदस्यों ने रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर तुरंत बुजुर्गों, बच्चों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने पानी के टूलू पंपों का उपयोग कर आग बुझाने का प्रयास भी किया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने में मदद की लीला देवी ने बताया कि आसपास के गांव के घर लगभग आधा किलोमीटर दूर थे, फिर भी लोग इकट्ठा हुए और आग को फैलने से रोकने तथा जान-माल के बड़े नुकसान से बचाने में मदद की। नव निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रधान अशोक गुलेरिया भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन को घटना की सूचना दी। 8 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान सरकाघाट के तहसीलदार मुनीष शर्मा ने बताया कि हल्का पटवारी हेमंत राणा ने मौके का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है। इस अग्निकांड में पीड़ित परिवारों को लगभग 8 लाख रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। तहसीलदार ने पीड़ित कौशल्या देवी पत्नी गणपत, कमला देवी पत्नी रोशन लाल, लीला देवी पत्नी ईश्वर दास, सुभाष पुत्र ईश्वर दास और दीप पुत्र रोशन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस प्रशासन देर रात लगी इस आग के कारणों की छानबीन कर रहा है।