किन्नौर में ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम-2026’ का आगाज हो गया है। इस कार्यक्रम के तहत देश भर से आए लगभग 100 युवा एक सप्ताह तक किन्नौर की समृद्ध संस्कृति, रहन-सहन, खानपान, विरासत, रणनीतिक महत्व और परंपराओं से परिचित होंगे। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ‘माई भारत’ द्वारा आयोजित इस भ्रमण के दौरान युवाओं को किन्नौर के विभिन्न गांवों में जाने का अवसर मिलेगा। वे स्थानीय लोगों, पंचायतों, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों से मिलकर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के विभिन्न आयामों को समझेंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ आईटीबीपी मैदान में डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर एसपी किन्नौर सुशील कुमार शर्मा, आईटीबीपी कमांडेंट सुनील, एसडीएम कल्पा अमित कल्थाइक और सहायक आयुक्त विपिन ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। किन्नौरी लोकनृत्य से युवाओं को मंत्रमुग्ध किया शिविर स्थल पर प्रतिभागियों का पारंपरिक किन्नौरी टोपी और खतक भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने किन्नौरी लोकनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित युवाओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में बिहार, दमन एवं दीव, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों के प्रतिभागी शामिल हुए हैं। स्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास करना, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण करना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से देश के विभिन्न भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों से आए युवाओं को आपस में परिचित होने, विचारों का आदान-प्रदान करने और नई मित्रताएं स्थापित करने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागियों को सीमांत क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा, जिससे वे ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को समझ सकें।