हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती के अवसर पर 23 जून को शिमला में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश के PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि ‘वीरभद्र सिंह फाउंडेशन’ द्वारा इस दिन प्रो. बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 6 देशों के बॉक्सर हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि 23 जून को वीरभद्र सिंह की जयंती को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। शिमला में प्रो बॉक्सिंग चैंपियनशिप के अलावा मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे और जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। राज्य के सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों में भी सामाजिक कार्यों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में प्रदेश के विकास और जनसेवा को प्राथमिकता दी थी। उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य भी समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार खेल गतिविधियों, विशेषकर बॉक्सिंग चैंपियनशिप, को प्राथमिकता दी गई है। छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह वीरभद्र सिंह को आधुनिक हिमाचल का निर्माता कहा जाता है। वह छह बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और करीब छह दशकों तक सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभाते रहे। वर्तमान में उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह हिमाचल सरकार में PWD मंत्री हैं। नीरज भारती के इस्तीफे पर बोले- बात करेंगे कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पद से नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में अभी पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह नीरज भारती से बातचीत करेंगे और जानने का प्रयास करेंगे कि उन्होंने यह फैसला किन कारणों से लिया है। विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। किसी भी परिवार में समय-समय पर मतभेद या कुछ असहमति की स्थितियां पैदा हो सकती हैं, लेकिन उन्हें बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले पर भी चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। खालसा टैक्स को बताया दुर्भाग्यपूर्ण पंजाब में कथित खालसा टैक्स से जुड़े मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस विषय को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पंजाब के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने संकेत दिए कि इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार गंभीर है और उचित स्तर पर बातचीत की जाएगी। कार्यकर्ताओं की अनदेखी का मुद्दा पहले भी उठा चुकी हूं: प्रतिभा वहीं, हिमाचल कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं मंडी से पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अनदेखी का मुद्दा वह पहले भी उठाती रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने में कार्यकर्ताओं का बड़ा योगदान रहा है और उनकी मेहनत के दम पर पार्टी सत्ता में आई।