हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थल धर्मशाला के कांगड़ा घाटी स्थित पुलिस ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय तिब्बती सांस्कृतिक महोत्सव का शनिवार को रंगारंग और बेहद सफल समापन हो गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने तिब्बत की समृद्ध कला, अनूठे इतिहास, जीवंत संगीत और अनमोल विरासत को स्थानीय जनता के साथ-साथ देश-विदेश से आए हजारों पर्यटकों के बेहद करीब लाने का काम किया। समापन के अवसर पर पूरा पुलिस ग्राउंड पारंपरिक तिब्बती लोक नृत्यों की धुनों से सराबोर नजर आया। पहली ट्रांसजेंडर मॉडल तेनज़िन मारिको की प्रस्तुति ने लूटी वाहवाही महोत्सव के आखिरी दिन की सबसे खूबसूरत और गौरवमयी तस्वीर तब सामने आई, जब तिब्बत की पहली ट्रांसजेंडर महिला और मशहूर मॉडल तेनज़िन मारिको (Tenzin Mariko) मंच पर उतरीं। पारंपरिक तिब्बती वेशभूषा ‘चुबा’ (Chuba) पहने मारिको ने जब अपनी जड़ों से जुड़कर तिब्बती लोक नृत्य पेश किया, तो पूरा मैदान दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मारिको का यह प्रदर्शन केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि समाज की रूढ़ियों को तोड़कर अपनी पहचान की आज़ादी और संस्कृति के प्रति अगाध प्रेम का प्रतीक था, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों को प्रेरित किया।
परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिन पर विशेष फोटो प्रदर्शनी इस तीन दिवसीय आयोजन में आध्यात्मिक गुरु और परम पावन 14वें दलाई लामा की चिरस्थायी विरासत को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। दलाई लामा के आगामी 90वें जन्मदिन के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में महोत्सव स्थल पर एक विशेष फोटो प्रदर्शनी लगाई गई थी, जो पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसके अलावा, तिब्बत के ऐतिहासिक संघर्ष और उसकी अनूठी संस्कृति को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए विशेष हिंदी वृत्तचित्रों (Documentaries) की स्क्रीनिंग भी की गई।
‘सोवा रिग्पा’ चिकित्सा और तिब्बती हस्तशिल्प ने खींचा ध्यान महोत्सव में स्वास्थ्य और कल्याण (Wellness) को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक तिब्बती चिकित्सा पद्धति ‘सोवा रिग्पा’ के विशेष स्टॉल लगाए गए थे, जहां देश-विदेश के पर्यटकों ने नाड़ी परीक्षण करवाकर औषधियों के बारे में परामर्श लिया। इसके साथ ही, स्टॉलों पर सजे खूबसूरत तिब्बती हस्तशिल्प, पेंटिंग्स और पारंपरिक परिधानों की दर्शकों ने जमकर खरीदारी की। मोमोज और थुकपा के पारंपरिक स्वादों का लोगों ने लिया आनंद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ व्यंजनों के शौकीनों के लिए भी यह महोत्सव बेहद खास रहा। मैदान में सजे प्रामाणिक तिब्बती फूड स्टॉल्स पर लोगों ने मोमोज, थुकपा और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के तीखे व लाजवाब स्वादों का लुत्फ उठाया।
सीटीए (CTA) के अधिकारियों ने इस पहले और अनूठे प्रयास को बेहद सफल बताते हुए सभी प्रतिभागियों, स्थानीय प्रशासन और दर्शकों का आभार व्यक्त किया तथा विश्वास दिलाया कि तिब्बती संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए भविष्य में भी ऐसे शानदार आयोजन जारी रखे जाएंगे।

Spread the love