हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में काशंग जलविद्युत परियोजना के लेबर कैंप में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में दो मजदूरों की जलकर मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और अग्निशमन विभाग पर आग पर काबू पाया गया हादसे के पीछे शार्टसर्किट या बीड़ी सिगरेट के जले हुए टोटे फेंकने की आशंका जताई जा रही है। कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना में एक व्यक्ति को किसी तरह से बचा लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आपातकालीन नंबर 112 के माध्यम से सूचना मिली कि काशंग विद्युत परियोजना के लेबर कैंप में आग लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि तब तक अग्निशमन विभाग और परियोजना के कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया था। नेपाल और उत्तराखंड के रहने वाले हैं मृतक दुर्भाग्यवश, लोहे के शेड के अंदर बने डैकर में सो रहे दो मजदूर पूरी तरह जल चुके थे और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान उत्तराखंड के उधम सिंह नगर निवासी रंजीत कुमार (33) पुत्र मोहन सिंह और नेपाल के वैजूरा-I जिले के निवासी जगत वारे रुकाया (31) पुत्र अवते रुकाया के रूप में हुई है। इस अग्निकांड के दौरान कैंप में मौजूद एक अन्य व्यक्ति, सरवन (निवासी उत्तराखंड), सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। आग के कारणों की जा रही जांच पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, लेबर शेड लोहे का बना था, जिसके अंदरूनी हिस्सों में प्लाईबोर्ड लगाया गया था। शेड में बिजली की वायरिंग भी थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट की वजह से लगी हो सकती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।