हिमाचल दिवस के अवसर पर धर्मशाला के पुलिस मैदान में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो.चंद्र कुमार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के लक्ष्य के साथ काम कर रही है, जिसका उद्देश्य प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करना है। समारोह से पहले, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने प्रदेश के एकमात्र राज्यस्तरीय शहीद स्मारक में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांगड़ा के ढगवार में बन रहा मिल्क प्लांट प्रो. चंद्र कुमार ने घोषणा की कि कांगड़ा के ढगवार में 225 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मिल्क प्लांट स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश अब देश का पहला राज्य बन गया है, जो पशुपालकों को दूध पर सर्वाधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रदान कर रहा है। सरकार ने तय किए दूध की एमएसपी मंत्री ने बताया कि गाय के दूध का दाम 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का दाम 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह वृद्धि पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, गद्दी समुदाय के 40 हजार परिवारों के लिए 300 करोड़ रुपये की एक विशेष योजना भी शुरू की जा रही है। गेहूं मक्का और हल्दी का न्यूनतम मूल्य तय करने वाला हिमाचल पहला राज्य कृषि मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्का और हल्दी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना पर 643 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कांगड़ा को प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस विकास के तहत, गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 3,349 करोड़ रुपये की पुनर्वास योजना को मंजूरी दी गई है। इस अवसर पर, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए सेना मेडल विजेता सूबेदार मेजर पवन कुमार की पत्नी सुषमा देवी को सम्मानित किया गया। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रो. बीएस बहल को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में परेड कमांडर आदर्श बरयाल के नेतृत्व में मार्च पास्ट का आयोजन हुआ और विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दीं।