हिमाचल के धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। इसी क्रम में वीरवार को दाड़नू से प्रसिद्ध पर्यटन स्थल इंद्रूनाग मंदिर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा सड़क पर आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात घंटों बाधित रहा। जेसीबी मशीनों से खुलवाया स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। मौके पर भारी जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं और मलबे को हटाने तथा मार्ग को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है। धर्मशाला और ऊपरी धौलाधार की पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश ने अनियंत्रित निर्माण और पर्यावरण से छेड़छाड़ के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। भू-वैज्ञानिकों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन और सरकार को पहले ही आगाह किया था। विकास के नाम पर पहाड़ों की जड़ों को किया जा रहा कमजोर विशेषज्ञों का कहना है कि विकास के नाम पर पहाड़ों की जड़ों को कमजोर किया जा रहा है। ड्रेनेज सिस्टम की कमी और ढलानों पर बिना वैज्ञानिक आधार के किए जा रहे अंधाधुंध कटान के कारण मिट्टी की पकड़ ढीली हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण के लिए कठोर कदम नहीं उठाए गए और अनियंत्रित निर्माण पर रोक नहीं लगाई गई, तो भविष्य में धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।