हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में असामान्य बारिश से दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी लौट आई है। राज्य में बीते एक सप्ताह में सामान्य से 169 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। अप्रैल में बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि ने कई जगह सेब के बगीचों को तबाह किया है। मौसम विभाग के अनुसार- 2 से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 16 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस असामान्य वर्षा ने पूरे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा दिया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जबकि कई शहरों में यह गिरावट 14 डिग्री तक पहुंच गई। कांगड़ा का अधिकतम तापमान सामान्य से 14.1 डिग्री गिरने के बाद 18 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मंडी में 11.1 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 18.7 डिग्री दर्ज हुआ। मनाली में पारा 10.8 डिग्री लुढ़ककर 8.6 डिग्री तक पहुंच गया है। ऊना का तापमान 10.4 डिग्री गिरकर 22.4 डिग्री रहा, जबकि शिमला में 8.5 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 11.4 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं धर्मशाला का अधिकतम तापमान 11.1 डिग्री गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज 5 जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा हालांकि राहत की बात यह है कि कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 12 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।