हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोलन नगर निगम (MC) से जुड़े एक मामले में मुख्य सचिव संजय गुप्ता के उन आदेशों पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने MC कमिश्नर के अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेशों को रद्द कर दिया था। जस्टिस ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद माकपा के स्टेट सेक्रेटरी संजय चौहान ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता को तुरंत पद से हटाने और उन पर FIR दर्ज करने की मांग की है। चौहान ने कहा कि मुख्य सचिव द्वारा पद के दुरुपयोग का यह दूसरा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले मुख्य सचिव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चेस्टर हिल-2 और चेस्टर हिल-4 प्रोजेक्ट में गड़बड़ी उजागर करने वाली एसडीएम सोलन की जांच रिपोर्ट को दबा दिया था। अब यह दूसरा मामला है, जिसमें संजय गुप्ता ने शक्तियां नहीं होने के बावजूद एमसी कमिश्नर के आदेश को रद्द किया है। मुख्य सचिव ने MC सोलन कमिश्नर के आदेश को किया रद्द बता दें कि, मुख्य सचिव ने 24 फरवरी 2026 को एक ऑर्डर जारी किया। इसमें उन्होंने सोलन में निर्माण और अतिक्रमण विवाद में MC कमिश्नर के आदेश रद्द किए। MC सोलन कमिश्नर ने जिस निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए थे, मुख्य सचिव ने उसे निर्माण की अनुमति दे दी। MC सोलन और राजस्व विभाग के आदेशों को अवैध करार दिया मुख्य सचिव ने रेनू सूरी व अन्य की अपील पर सुनवाई करते हुए नगर MC सोलन और राजस्व विभाग के कुछ आदेशों को अवैध करार दिया था। इन आदेशों को MC कमिश्नर ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर मुख्य सचिव के ऑर्डर स्टे किए हैं। मामला क्या है? यह विवाद सोलन के जवाहर पार्क में स्थित जमीन पर निर्माण से जुड़ा है। अपीलकर्ताओं ने मुख्य सचिव के पास तर्क दिया कि वे स्वीकृत नक्शे के अनुसार कॉमर्शियल भवन बना रहे हैं, लेकिन MC सोलन ने उन्हें अतिक्रमण का आरोप लगाकर निर्माण तोड़ने के आदेश दे दिए। साथ ही जमीन की पैमाइश को भी गलत और नियमों के खिलाफ बताया गया। MC कमिश्नर सोलन के आदेश क्या थे इसके पहले, MC सोलन कमिश्नर ने 28 मार्च 2024 को निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था। आरोप लगाया गया कि अपीलकर्ताओं ने खसरा नंबर 127/128 पर अतिक्रमण किया है। डिमार्केशन रिपोर्ट (18-12-2023) के आधार पर कार्रवाई की गई।