राज्य सरकार के उपक्रम हिमाचल प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव मार्केटिंग एंड कंज्यूमर फेडरेशन (हिमफेड) ने अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से फर्नीचर का कारोबार फिर से शुरू किया है। करीब दस वर्षों से बंद पड़े इस कारोबार को पुनः प्रारंभ करते हुए हिमफेड ने सरकारी विभागों के साथ-साथ प्राइवेट को भी फर्नीचर सप्लाई शुरू की है। पिछले पांच महीनों के भीतर ही इस पहल से लगभग एक करोड़ पचास लाख रुपए का कारोबार किया जा चुका है, जो संस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। इसके लिए हिमफेड ने दो बड़ी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन किया है, जिससे आने वाले समय में व्यापार को और गति मिलने की संभावना है। हिमफेड की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास: महेश्वर हिमफेड चेयरमैन महेश्वर चौहान ने कि संस्था के बंद पड़े कार्यों को दोबारा शुरू करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी हिमफेड फर्नीचर के क्षेत्र में करोड़ों रुपए का कारोबार करता रहा है और अब उसी परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। कैग भी बोर्ड-निगमों के घाटे को लेकर चेताता रहा बता दें कि कैग समय-समय पर हिमाचल के विभिन्न बोर्ड और निगमों के घाटे को लेकर सरकार को आगाह करता रहा है। प्रदेश के 11 बोर्ड-निगम वर्तमान में घाटे में चल रहे हैं और सरकार पर आर्थिक बोझ साबित हो रहे हैं। ऐसे में हिमफेड द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। यदि इसी प्रकार से बंद पड़े व्यवसायों को पुनः सक्रिय किया जाता रहा, तो संस्थाएं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकेंगी और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। कृषि, बागवानी, उपभोक्ता वस्तुओं की सप्लाई करता है हिमफेड गौरतलब है कि हिमफेड प्रदेश में कृषि, बागवानी, उपभोक्ता वस्तुओं और फर्नीचर सप्लाई जैसे काम करता है। पूरे राज्य में विभिन्न किस्मों की खाद भी हिमफेड के माध्यम से किसानों को मुहैया कराई जाती है।