आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल को लेकर विवाद गहरा गया है। आईआईटी मंडी प्रबंधन द्वारा हाल ही में स्कूल को अपने अधीन लेने पर माइंड ट्री संस्था ने गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था ने प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मामले को कोर्ट में चुनौती दी है। माइंड ट्री के ट्रस्टी हिरदेश मदन ने मंडी में एक प्रेस वार्ता में बताया कि 2017 में आईआईटी मंडी ने सीबीएसई से संबद्ध स्कूल खोलने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। सभी आवश्यक मंजूरियों के बाद, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अनुमति से स्कूल शुरू हुआ और 33 साल की लीज पर समझौता हुआ था। मैनेजमेंट कमेटी बनने के बाद समस्याएं शुरू उन्होंने कहा कि 2022 तक सब कुछ सुचारू रूप से चला, लेकिन नई स्कूल मैनेजिंग कमेटी बनने के बाद समस्याएं शुरू हो गईं। संस्था का आरोप है कि आईआईटी प्रबंधन के कुछ सदस्यों ने नियमों के विरुद्ध दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया। उनके अनुसार, ऐसे फैसले थोपे गए जिनसे पढ़ाई की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती थी। आर्थिक दबाव बनाने का आरोप माइंड ट्री ने यह भी आरोप लगाया कि किराया बढ़ाने, जीएसटी की मांग और अन्य मुद्दों के माध्यम से उन पर आर्थिक दबाव बनाया गया। 6 मई 2024 को बिना कोई कारण बताए स्कूल बंद करने का नोटिस जारी किया गया, जिसे संस्था ने मनमाना करार दिया। संस्था ने यह चिंता भी व्यक्त की है कि यदि नया स्कूल शुरू होता है, तो कक्षा 9 से 12 के छात्र सीबीएसई बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएंगे, क्योंकि मान्यता प्राप्त करने में समय लगता है। इस संबंध में, आईआईटी मंडी के रजिस्ट्रार डॉ. कुमार संभव पांडेय ने बताया कि संस्थान को अभी तक कोर्ट से कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर संस्थान अपना पक्ष रखेगा।