हिमाचल कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक नीरज भारती अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और अपने पिता चौधरी चंद्र कुमार का आभार न जताने पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। इसके जवाब में भारती ने एक और पोस्ट साझा कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। भारती ने कहा कि उन्हें यह जिम्मेदारी सरकार ने नहीं, बल्कि संगठन ने सौंपी है। इसलिए धन्यवाद भी उसी का बनता है जहां से आदेश जारी हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि संगठन की परंपरा और मर्यादा के अनुसार ही उन्होंने वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया है।

उपमुख्यमंत्री से दशकों पुराना रिश्ता बताया मुख्यमंत्री का नाम न लेने के पीछे की वजह बताते हुए भारती ने कहा कि इस नियुक्ति को लेकर उनकी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से कोई बातचीत नहीं हुई थी। भारती के अनुसार, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ उनका दशकों पुराना रिश्ता है। मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधा हाल ही में अग्निहोत्री ने ही उन्हें बुलाकर संगठन में नई भूमिका देने पर चर्चा की थी, जिसके आधार पर उन्होंने मुकेश अग्निहोत्री का विशेष तौर पर आभार जताया है। भारती ने इस विवाद को अतीत से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू पर निशाना साधा। सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तंज उन्होंने याद दिलाया कि जब स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री थे और सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था, तब क्या उन्होंने राजा साहब का धन्यवाद किया था? भारती ने स्पष्ट किया कि वे केवल उन्हीं का शुक्रिया अदा कर रहे हैं जिन्होंने इस पद के लिए उनका नाम आगे बढ़ाया। राजनीति में एक नई बहस छेड़ी इस पूरी बयानबाजी ने हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे मुख्यमंत्री के प्रति भारती की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक इसे ‘ईमानदार राजनीति’ बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे अनुशासनहीनता और गुटबाजी का संकेत मान रहे हैं।

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