सूत्रों के मुताबिक IRIS Dena पर हुए टारपीडो अटैक से पहले हिंद महासागर में फंसे एक ईरानी युद्धपोत ने भारत से डॉकिंग की इजाजत मांगी थी। इसे कोच्चि में डॉकिंग की इजाजत दी गई थी। 

Spread the love