हिमाचल प्रदेश में कल (रविवार को) एक फ्रेश वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार- इसका असर मुख्य रूप से चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिखाई देगा। इन चार जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान हल्के हिमपात की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ बना रहेगा। 24 फरवरी से पूरे प्रदेश में एक बार फिर चटक धूप खिलने के आसार हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी से पहले प्रदेश के तापमान में भारी उछाल दर्ज किया गया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से करीब 2 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। तापमान में सबसे ज्यादा उछाल कल्पा में देखा गया, जहां अधिकतम तापमान में 9.2 डिग्री की वृद्धि के बाद पारा 16.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शिमला का पारा सामान्य से 5.1 डिग्री ज्यादा शिमला का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री ज्यादा होकर 18.5 डिग्री दर्ज किया गया। भुंतर में 6.3 डिग्री उछाल के साथ तापमान 25.4 डिग्री, धर्मशाला में 4.5 डिग्री अधिक के साथ 23.0 डिग्री, ऊना में 4.9 डिग्री उछाल के साथ 29.0 डिग्री, कांगड़ा में 6.3 डिग्री अधिक के साथ 26.6 डिग्री और मनाली में 5.6 डिग्री ज्यादा के साथ 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नाहन को छोड़ हर जगह न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक नाहन को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है और आज इसमें और बढ़ोतरी के आसार हैं। फरवरी में सामान्य से 79% कम बारिश बारिश और बर्फबारी की कमी भी चिंता का विषय बनी हुई है। इस विंटर सीजन (1 जनवरी से 20 फरवरी) के दौरान प्रदेश में सामान्य से 34 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जबकि फरवरी माह में अब तक 79 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल व्यापक और अच्छी बारिश-बर्फबारी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे आने वाले समय में जल स्रोतों और कृषि पर असर पड़ सकता है।